ऑस्ट्रेलियाई विमन क्रिकेटर अमांडा ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान दिलजीत दोसांझ से मिलते हुए।
पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ एक बार फिर खालिस्तानी कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। इस बार उन्हें SFJ की ओर से ऑकलैंड शो से पहले धमकी दी गई है। दरअसल, ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के एक प्रोमो में दिलजीत अमिताभ बच्चन के पैर छूते हुए नजर आए, जिसके बाद पन
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कॉल में पन्नू ने 1984 सिख दंगों में अमिताभ बच्चन की कथित भूमिका का हवाला भी दिया, हालांकि इस बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है।इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के सिडनी कॉन्सर्ट में धार्मिक प्रतीक किरपाण को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।
कॉन्सर्ट में कुछ सिख दर्शकों को किरपाण लेकर एंट्री नहीं दी गई, जिससे सिख समुदाय में नाराजगी देखी गई। इन घटनाओं के बाद अब दिलजीत का अगला शो 1 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया में भी हुआ। दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ में व्यस्त हैं और सोशल मीडिया पर सकारात्मक संदेशों से माहौल हल्का बनाए हुए हैं।

सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा मामला..
- ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में पैर छूने से मचा बवाल: विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब दिलजीत दोसांझ टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-17’ में पहुंचे और अमिताभ बच्चन के पैर छुए। इस वीडियो के वायरल होते ही खालिस्तानी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें ‘हिंदू राष्ट्रवादी सोच’ से जुड़ा कलाकार बताकर निशाना बनाया। अमेरिका स्थित कट्टरपंथी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) और इसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिलजीत को खालिस्तान विरोधी गतिविधियों से जोड़ते हुए धमकियां दीं।
- ऑकलैंड कंसर्ट को मिली धमकी: दिलजीत का अगला शो न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में होना है, लेकिन उससे पहले ही उन्हें SFJ से धमकियां मिल चुकी हैं। बताया जा रहा है कि उनके पिछले कंसर्ट में भी ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए थे। पन्नू ने चेतावनी दी है कि यदि दिलजीत ने “भारत समर्थक रवैया” जारी रखा, तो उनके कार्यक्रमों में विरोध तेज किया जाएगा।
- पहले भी किरपाण विवाद में आया था नाम: इससे पहले सिडनी कॉन्सर्ट में धार्मिक प्रतीक किरपाण को लेकर विवाद हुआ था। आयोजन स्थल पर सुरक्षा एजेंसियों ने सिख श्रद्धालुओं को किरपाण के साथ एंट्री से रोका, जिसके बाद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। हालांकि दिलजीत ने किसी पक्ष में बयान नहीं दिया और शो शांतिपूर्वक पूरा किया।
- पर्थ कॉन्सर्ट में भी हुआ था विरोध, दिलजीत का शांत रुख: कुछ दिन पहले ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में उनके शो के दौरान भी खालिस्तानी समर्थकों ने नारेबाजी की थी। इसके बावजूद दिलजीत ने कोई बयान नहीं दिया और अपने संगीत कार्यक्रम जारी रखे। वे सोशल मीडिया पर अपने कंसर्ट्स की खुशियों भरी तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं और प्रशंसकों को सकारात्मकता और एकता का संदेश दे रहे हैं।

इंदिरा गांधी के साथ अमिताभ बच्चन के अच्छे संबंध थे खालिस्तानी समर्थकों का मानना है कि 1984 में दिल्ली में हुए सिखों के नरसंहार में अमिताभ बच्चन का भी हाथ रहा है। उस समय बच्चन के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ अच्छे संबंध थे। सिख कट्टरपंथियों का मानना है कि अमिताभ बच्चन भी सिखों के खिलाफ हिंदुओं को भड़काने के लिए जगदीश टाइटलर के साथ मौजूद थे। हालांकि अमिताभ बच्चन एक इंटरव्यू में इन आरोपों का खंडन कर चुके हैं।








