2 घंटे पहलेलेखक: आशीष तिवारी
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राम गोपाल वर्मा की फिल्म रंगीला 30 साल बाद आज एक बार फिर थिएटर में रिलीज हुई है। दैनिक भास्कर से बातचीत में रामू ने फिल्म से जुड़े कुछ खास किस्से बताए। बातचीत में रामू ने कहा कि रंगीला पहले श्रीदेवी के साथ बनाना चाहते थे, लेकिन श्रीदेवी को लग रहा था कि रामू रोमांटिक फिल्म नहीं बना पाएंगे। पढ़िए राम गोपाल वर्मा से हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश…
सवाल:जब आपने रंगीला बनाने की सोची, तो सुना है कि आपको दो लोगों से इंस्पिरेशन मिली, एक आपके इलाके का गुंडा रमेश और दूसरी श्रीदेवी जी। इन दोनों की कहानियों ने फिल्म पर कैसे असर डाला?
जवाब: रमेश वाली बात सही है, लेकिन श्रीदेवी जी से नहीं। मेरी फिल्म ‘मस्त’ श्रीदेवी जी से इंस्पायर्ड थी। श्रीदेवी की मां जूनियर डांसर थीं, वह हीरोइन बनना चाहती थीं, लेकिन उनकी बेटी हीरोइन बन गईं। इसमें दिखाना था कि हर इंसान में कुछ बनने की चाह या सपना होता है। यही कहानी का एक हिस्सा है।
दूसरा पहलू रमेश के किरदार से जुड़ा था। और तीसरा, फिल्म पर हॉलीवुड की क्लासिक मूवी ‘द साउंड ऑफ म्यूजिक’ और सिंगिंग इन द रेन जैसी फिल्मों का असर था। खासकर उनके म्यूजिक और स्टाइल का। इन सब चीजों को मिलाकर ये फिल्म बनी थी।

“रंगीला” 8 सितंबर 1995 को रिलीज हुई थी।
सवाल: जब आप उस समय फिल्म बना रहे थे, तब सुना था कि आप उस फिल्म में श्रीदेवी, नागार्जुन और गेस्ट रोल में रजनीकांत को लेना चाहते थे। आखिर वो फिल्म उस रूप में क्यों नहीं बनी?
जवाब : उस वक्त मैंने श्रीदेवी जी को दो कहानियां सुनाईं। उनकी दूसरी फिल्म ‘गोविंदा गोविंदा’ थी, जो साउथ की फिल्म थी। श्रीदेवी जी ने दूसरी फिल्म करने का निर्णय लिया। उन्हें लगा कि मैंने ‘शिवा’ जैसी एक्शन फिल्में बनाईं हैं, इसलिए शायद मैं अच्छी रोमांटिक फिल्म नहीं बना पाऊंगा। फिर वह प्रोजेक्ट दो साल के लिए रुक गया। बाद में जब फिल्म बनाने का मन हुआ, तो मैंने सोचा इसे हिंदी में बनाऊंगा।
सवाल: क्या आपने इस फिल्म के लिए माधुरी दीक्षित को भी सोचा था?
जवाब: नहीं, नहीं। माधुरी दीक्षित को मैंने ‘द्रोही’ के बारे में सोचा था। जो मैंने नागार्जुन के साथ पहले बनाई थी। उसके बाद जब मैंने यह फिल्म बनाई, तो श्रीदेवी के बाद सिर्फ उर्मिला ही दिमाग में थी।
सवाल: रंगीला के समय जब उर्मिला ने डांस खुद किया, तब क्या लगा कि वही ‘मिली’ हैं?
जवाब: हां, क्योंकि उस दिन कोरियोग्राफर नहीं आए थे, तो मैंने उर्मिला से कहा कि खुद डांस करें। उसने म्यूजिक पकड़कर जैसे इम्प्रोवाइज किया, वो बहुत नेचुरल और बेहतरीन लगा। तभी समझ गया कि वही हमारी फिल्म की “मिली” हैं।
सवाल: कई लोगों को लगा कि ‘रंगीला’ में मुन्ना का रोल असल में जैकी जैसे इंसान के लिए था। यहां तक कि अनिल कपूर ने भी कहा कि वो ऐसे किरदार निभा सकते थे। फिर आपने आमिर खान जैसे परफेक्शनिस्ट को ये रोल क्यों दिया?
जवाब: ‘रंगीला की कहानी मुन्ना के नजरिए से चलती है, इसलिए दर्शकों को उससे जुड़ना जरूरी था। आमिर में एक नेचुरल पसंद आने वाली बात है,उनका सॉफ्ट और डिग्निफाइड नेचर। उन्हें जब एक सड़कछाप, मस्तमौला किरदार में दिखाया गया, तो वो कॉन्ट्रास्ट बहुत दिलचस्प लगा और किरदार को नया रंग मिला।

सवाल: नीरज वोहरा ने जो डायलॉग लिखे थे,वो बहुत रिलेटेबल और उस समय के लिए एकदम अलग अंदाज था। इस बारे में आपका क्या कहना है?
जवाब: नीरज वोहरा और संजय छैल दोनों ने मिलकर डायलॉग लिखे थे। संजय छैल ने रेस्टोरेंट वाले हिस्से के डायलॉग्स ज्यादा लिखे। आमिर खान का किरदार और उसका अंदाज ज्यादातर नीरज वोरा ने ही लिखा था। कई सीन खास करके संजय छेल ने लिखे थे। दोनों ने मिलकर ही डायलॉग बनाए थे।
सवाल: आमिर ने फिल्म में जो कपड़े पहने थे, सुना है उन्हें उन्होंने खुद ही मार्केट में जाकर चुना था। क्या उस वक्त आमिर अपने लुक और बॉडी लैंग्वेज पर खुद काम कर रहे थे?
जवाब- आमिर खान बहुत जुनूनी और मेहनती हैं। उन्हें फिल्म की हर छोटी से छोटी चीज की चिंता होती है, जैसे कपड़ों के एक बटन तक। वे बहुत विस्तार से काम करते हैं और अपनी फिल्म के हर पहलू में गहराई से शामिल होते हैं। इसलिए उन्हें कहना पड़ा कि “तुम जो करना है करो, मुझसे मत पूछो” क्योंकि वे हर चीज में इतना ध्यान देते हैं।
सवाल:लोगों का कहना है कि आमिर खान निर्देशन में दखल देते हैं, क्या आपको ऐसा लगा?
जवाब: नहीं, कभी नहीं। अगर आप तर्क से बात करें तो जवाब भी तर्क से देना होता है। अभिनेता में आत्मविश्वास जगाना निर्देशक की जिम्मेदारी होती है।

सवाल: पहले फिल्मों में महिलाओं को ज्यादातर ऑब्जेक्टिफाई दिखाया जाता था, खासकर गानों में। लेकिन ‘रंगीला’ में उर्मिला को बहुत अलग अंदाज में दिखाया गया। जैसे ‘हाय रामा’ और ‘तन्हा तन्हा’ में। आपने यह चलन कैसे तोड़ा?
जवाब: मैंने हॉलीवुड की क्लासिक मूवी ‘द साउंड ऑफ म्यूजिक’ और ‘सिंगिन इन द रेन’ से सीखा कि खुलापन अगर सुंदरता और आत्मविश्वास के साथ दिखाया जाए तो वो भद्दा नहीं लगता। मैंने उर्मिला से कहा कि अगर वो खुद को गर्व और खुशी से दिखाएंगी, तो वही भाव दर्शकों तक पहुंचेगा। साथ ही, कैमरा एंगल, और जैकी श्रॉफ का भाव,ये सब मिलकर सीन को सम्मानजनक और भावनात्मक बनाते हैं।
सवाल: फिल्म में कामुकता को दिखाने के तरीके पर काफी विवाद हुआ था। उस समय आप क्या महसूस करते थे?
जवाब: हर काम पर अलग-अलग राय मिलती है। कुछ लोग कहते हैं, लड़कियों को वस्तु की तरह दिखाया गया। ये बातें तब भी थीं, अब भी हैं। सबको खुश नहीं किया जा सकता, इसलिए अपनी सोच पर टिके रहना चाहिए।
सवाल: उर्मिला ने गाने में जो गंजी पहनी थी, वह जैकी श्रॉफ की थी। उनकी और जैकी की केमिस्ट्री बहुत बेहतरीन लगी, जबकि जैकी को आम तौर पर डांसर नहीं माना जाता। ऐसा जादू स्क्रीन पर आपने कैसे उतरा?
जवाब: जैकी बहुत इंस्टिंक्टिव एक्टर हैं। उन्हें कास्ट करने का कारण था उनका व्यक्तित्व, मुन्ना और कमल में फर्क दिखाना। आमिर का किरदार थोड़ा इनसिक्योर है, और जैकी का लुक, हाइट, और स्टाइल बहुत क्लासी और आत्मविश्वासी दिखता है। वही कॉन्ट्रास्ट कहानी का असली हिस्सा था। जैकी की जगह कोई और यह रोल कर ही नहीं सकता था।
सवाल: फिल्म में जैकी की एक पैरेलल कहानी थी, जिसमें सुचित्रा उनकी गर्लफ्रेंड है और उसका एक्सीडेंट होता है। वो फ्लैशबैक सीन आपने हटा दिया था?
जवाब: हां, सुचित्रा पहले वो सीन करने वाली थी, लेकिन बाद में उसने मना कर दिया। शायद उन्हें लगा कि रोल बहुत छोटा है। तब मैंने पूरा फ्लैशबैक हटाकर उसकी जगह साउंड इफेक्ट्स से दिखाया। जैकी उर्मिला से बात करते हैं और अचानक एक एक्सीडेंट की आवाज आती है। जिससे पता चलता है कि वो फ्लैशबैक है। शायद ऐसा तरीका पहली बार किसी फिल्म में इस्तेमाल हुआ।

सवाल:आमिर को एक सीन से दिक्कत थी, जिसमें ‘मिली’ डूब रही होती है और कमल बस बैठकर देख रहा होता है। फिर मुन्ना आकर उसे बचाता है, क्या ऐसा सीन था?
जवाब: नहीं, ऐसा कोई सीन फिल्म में नहीं था। वो सीन कभी बना ही नहीं था।
सवाल: जब फिल्म की कास्टिंग हो रही थी, तब क्या शाहरुख खान का नाम भी आया था?
जवाब: नहीं। कभी नहीं। शुरू से ही बस आमिर और जैकी को ही अप्रोच किया गया था।
सवाल: आज भी ‘रंगीला’ इतनी प्रासंगिक क्यों है?
जवाब: फिल्म के किरदार और कहानी आज भी असली लगते हैं। एक आम लड़की, एक स्ट्रगलर और एक अमीर आदमी के बीच जो रोमांटिक टकराव है, वो आज भी लागू होता है। साथ ही ए.आर. रहमान का म्यूजिक आज भी उतना ही नया और यादगार लगता है।
सवाल: इस फिल्म को कई अवॉर्ड मिले, लेकिन कहा जाता है कि आमिर को अवॉर्ड न मिलने के बाद उन्होंने अवॉर्ड फंक्शन में जाना बंद कर दिया। इस पर आपकी राय?
जवाब: आमिर इससे खुश नहीं थे कि अवॉर्ड फंक्शन कैसे चलते हैं। ऐसा नहीं कि उन्हें अवॉर्ड न मिलने का दुख था, बल्कि उन्हें पूरी व्यवस्था पर भरोसा नहीं था।
सवाल: फिल्म रिलीज होने के बाद आपके और आमिर खान के बीच एक इंटरव्यू को लेकर कोई गलतफहमी हुई थी?
जवाब: हां, खालिद मोहम्मद को दिया गया इंटरव्यू था। मैं बस एक्टिंग के कुछ टेक्निकल पहलुओं के बारे में बात कर रहा था। लेकिन उन्होंने एक ऐसा हेडलाइन लिखा जो आपत्तिजनक लग सकता था। बाद में हमने उनसे बात करके सब कुछ ठीक कर लिया।
सवाल: उसके बाद आपने और आमिर ने साथ में फिर कभी काम क्यों नहीं किया?
जवाब: ऐसा कोई खास कारण नहीं है। बस मैंने जो फिल्में बनाईं, वो ज्यादातर एक्शन या थोड़ा डार्क टाइप की थीं। आमिर वो कर सकते हैं, लेकिन बस ऐसा मौका नहीं बना। असल में कोई वजह नहीं थी।
सवाल: आपने इतनी शानदार और कल्ट फिल्में बनाई हैं कि सब लोग आपको इस इंडस्ट्री का मास्टर मानते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि आप आगे भी उनसे भी बेहतर फिल्में बनाएं। उन्हें आप क्या कहना चाहेंगे?
जवाब: अब देखेंगे।

सवाल: आपकी फिल्मों में हमेशा कुछ नया देखने को मिलता है। चाहे वह म्यूजिक हो, डांस हो या स्टाइल। आने वाले प्रोजेक्ट्स में क्या नया देखने को मिलेगा?
जवाब: मैंने अभी ‘पुलिस स्टेशन में भूत’ नाम की फिल्म पूरी की है, जिसमें मनोज बाजपेयी और जेनेलिया देशमुख हैं। यह हॉरर-कॉमेडी जॉनर की है। कहानी एक एनकाउंटर कॉप की है जो एक गैंगस्टर को मार देता है, और वह गैंगस्टर भूत बनकर वापस आता है। मैं ऐसे यूनिक सब्जेक्ट्स पर काम करना चाहता हूं जो पहले किसी ने नहीं किए, यहां तक कि मैंने भी नहीं।
सवाल: आपने कई नए एक्टर्स को मौका दिया है। अगर कोई आपकी फिल्म में काम करना चाहे, तो आप उसमें क्या देखते हैं?
जवाब: मैं किसी खास चेहरे या एक्टिंग स्टाइल को नहीं ढूंढ़ता। बस किरदार के हिसाब से जो फिट लगे, उसे चुनता हूं।
सवाल: आपके प्लेटफॉर्म से कई एक्टर्स लॉन्च हुए हैं। क्या किसी के बारे में आपने सोचा था कि वो बड़ा नाम बनेगा या फिर किसी ने आपको चौंकाया हो?
जवाब: नहीं, मैं ऐसे जजमेंट नहीं करता। ये तय करना आसान नहीं कि कौन चलेगा या नहीं। कई बार मेरी सोच भी गलत साबित होती है। किसी के आगे बढ़ने में टैलेंट के साथ टाइमिंग, सब्जेक्ट और बाकी कई फैक्टर काम करते हैं।
सवाल: फिल्म ‘रंगीला’ से जुड़ी आपकी सबसे यादगार याद क्या है?
जवाब: कोई एक खास पल नहीं, लेकिन गानों की शूटिंग बहुत मजेदार थी, खासकर हाय रामा । इसका फिल्मांकन काफी नया और अलग था। उर्मिला का जो लाल ड्रेस लुक है, उसका आइडिया फ्रांसिस फोर्ड कोपोला की ड्रैकुला फिल्म से लिया था।








