SC बोला- केरल में SIR डेडलाइन बढ़ाने पर सोचे EC:  राज्य में 9 और 11 दिसंबर को स्थानीय निकाय चुनाव, 13 को रिजल्ट; कर्मचारी व्यस्त रहेंगे
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SC बोला- केरल में SIR डेडलाइन बढ़ाने पर सोचे EC: राज्य में 9 और 11 दिसंबर को स्थानीय निकाय चुनाव, 13 को रिजल्ट; कर्मचारी व्यस्त रहेंगे

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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया की आखिरी तारीख 7 दिन बढ़ाकर 11 दिसंबर की है। - Dainik Bhaskar

चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया की आखिरी तारीख 7 दिन बढ़ाकर 11 दिसंबर की है।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केरल में SIR की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया की याचिका पर सुनवाई की। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा…

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राज्य में चल रहे SIR के तहत एन्‍यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर है। चुनाव आयोग इसे एक हफ्ता बढ़ाने पर विचार करे। क्योंकि राज्य में 9 और 11 दिसंबर को स्थानीय निकाय चुनाव हैं, वोटों की गिनती 13 दिसंबर को होगी। 1.76 लाख सरकारी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में लगे हैं, जिनके लिए 11 दिसंबर तक फॉर्म जमा करना मुश्किल हो सकता है।

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कोर्ट ने केरल सरकार और याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे 3 दिसंबर की शाम 5 बजे तक चुनाव आयोग से औपचारिक अनुरोध करें। कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह इन अनुरोध पर ‘सहानुभूतिपूर्वक और व्यक्तिगत तरीके से विचार करे और दो दिनों में निर्णय ले।

कोर्ट रूम लाइव…

चुनाव आयोग: SIR और स्थानीय चुनाव दोनों अलग प्रक्रियाएं हैं। SIR कर्मचारियों को स्थानीय चुनाव ड्यूटी से छूट दी जा चुकी है। फॉर्म जमा करने की डेडलाइन पहले ही 4 दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर की जा चुकी है।

CJI सूर्यकांत: सरकार को कर्मचारियों पर ज्यादा बोझ नहीं डालना चाहिए। यदि तारीख 13 दिसंबर के बाद बढ़ेगी तो चुनाव में व्यस्त कर्मचारी भी SIR प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।

26 नवंबर: सुप्रीम कोर्ट ने पिटिशन पर EC से जवाब मांगा

इससे पहले, 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में SIR एक्सरसाइज को चुनौती देने वाली पॉलिटिकल लीडर्स, एक्टिविस्ट्स और NGO की तरफ से दायर कई पिटीशन पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा था।

तमिलनाडु में SIR से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई 4 दिसंबर को

सुप्रीम कोर्ट एक्टर से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की SIR के खिलाफ याचिका पर भी सुनवाई के लिए मान गया। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले को तमिलनाडु से जुड़ी दूसरी पेंडिंग याचिकाओं के साथ 4 दिसंबर को सुनवाई के लिए लिस्ट किया है।

जब TVK के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने दावा किया कि आंगनवाड़ी वर्कर और स्कूल टीचर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के तौर पर टारगेट पूरा करने के लिए बहुत दबाव में हैं। अगर वे टारगेट पूरा नहीं करते हैं, तो उन्हें रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल्स एक्ट के सेक्शन 32 के तहत नोटिस मिलते हैं, जिसके तहत उन्हें जेल हो सकती है।

शंकरनारायणन ने कहा, “BLO को तीन महीने की जेल हो सकती है और वे अपनी नौकरी खो सकते हैं और जेल जा सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 21 BLO ने आत्महत्या की है।

बांग्लादेश से आकर बंगाल में बसे लोगों की याचिका पर 9 दिसंबर को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से आए शरणार्थियों की तरफ से दायर एक याचिका पर भी नोटिस जारी किया, जिन्हें 2019 के सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट के तहत सर्टिफिकेट जारी करने में देरी के कारण मताधिकार से वंचित होने का डर है।

कोर्ट ने NGO आत्मदीप की याचिका पर EC से जवाब मांगा है। आत्मदीप ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 2014 से पहले भारत में आए हिंदू, बौद्ध, ईसाई और जैन शरणार्थियों के लिए सुरक्षा की मांग वाली PIL पर सुनवाई करने से मना कर दिया गया था, लेकिन उन्हें अभी तक सिटिजनशिप नहीं दी गई है।

पिटीशनर NGO की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट करुणा नंदी ने कहा कि बौद्ध, सिख, जैन और ईसाई समुदायों के शरणार्थी बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न से भागकर कानूनी कट-ऑफ तारीख से पहले पश्चिम बंगाल में बस गए हैं।

CAA के तहत उनके एप्लीकेशन अब तक प्रोसेस नहीं हुए हैं और वे SIR प्रोसेस के तहत वोटर लिस्ट में प्रोविजनल नाम शामिल करने की मांग कर रहे हैं। NGO ने कहा, “भले ही हम 2014 से पहले आ गए थे, लेकिन हमारे एप्लिकेशन प्रोसेस नहीं किए गए हैं।

बेंच ने कहा कि इस मामले की डिटेल में सुनवाई 9 दिसंबर को होगी, साथ ही पश्चिम बंगाल में SIR एक्सरसाइज को चुनौती देने वाली संबंधित पिटीशन पर भी सुनवाई होगी। CJI कांत ने कहा- हमारी प्रॉब्लम यह है कि हम सिर्फ इसलिए फर्क नहीं कर सकते कि कोई जैन है या कोई हिंदू है। उन्होंने कहा कि नागरिकता के मुद्दे की जांच केस-बाय-केस बेसिस पर करनी होगी।

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चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की समय सीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है। आयोग ने 30 नवंबर को कहा था कि अब अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। मतदाता जोड़ने-हटाने का एन्यूमरेशन पीरियड यानी वोटर वेरिफिकेशन अब 11 दिसंबर तक चलेगा, जो पहले 4 दिसंबर तक तय था। वहीं, पहले ड्राफ्ट लिस्ट 9 दिसंबर को जारी होनी थी, लेकिन अब इसे 16 दिसंबर को जारी किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

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