Shatrughan Sinhas Khamosh Dialogue Protection
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Shatrughan Sinhas Khamosh Dialogue Protection

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9 घंटे पहले

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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। आज यानी 21 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद एक बड़ा निर्णय सुनाया है जिसमें कहा गया है कि अभिनेता का प्रसिद्ध डायलॉग ‘खामोश’ उनके व्यक्तित्व से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है और इसे, उनके नाम, आवाज या तस्वीर के साथ बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक हाईकोर्ट के फैसले में न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा का यह खास डायलॉग और उनकी डायलॉग बोलने की शैली फिल्मी और डिजिटल दुनियाभर में उनके पहचान का अहम हिस्सा बन चुकी है। इसलिए, किसी भी व्यक्ति या प्लेटफॉर्म द्वारा इसका अनधिकृत उपयोग, खासकर सोशल मीडिया पर उनके नाम, तस्वीर, आवाज या चेहरे के डिजिटल रूपों का इस्तेमाल करना न्यायालय स्वीकार नहीं करेगा।

याचिका में अभिनेता ने बताया कि पिछले कुछ समय से कई वेबसाइट, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम, इमेज और ‘खामोश’ जैसे डायलॉग का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही, कई बार AI तकनीक के जरिये उनकी आवाज या चेहरा असली लगने वाले कंटेंट में दिखाया जा रहा है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और साख को भी नुकसान पहुंच रहा है।

हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि सभी ऐसी सामग्री को फौरन हटाया जाए और भविष्य में भी ऐसी सामग्री अपलोड नहीं की जाए। कोर्ट ने इसे पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन मानते हुए कहा कि ऐसे डिजिटल दुरुपयोग से अभिनेता की निजता, उन्हें मिले सम्मान और उनकी पहचान को खतरा है।

न्यायालय ने आगे स्पष्ट किया कि आज के डिजिटल युग में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में किसी की नाम, आवाज, इमेज या व्यक्तित्व को बिना सहमति के उपयोग करना उनको नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए यह कदम पर्सनैलिटी अधिकार की रक्षा के लिए आवश्यक है।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि पर्सनैलिटी राइट्स की अवधारणा अब भारत में तेजी से महत्व पाने लगी है, क्योंकि कई बार सेलिब्रिटीज के नाम और पहचान का कमर्शियल फायदा उठाने के लिए उनके डिजिटल रूपों का गलत इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में यह आदेश एक प्रीस्डेंट (पूर्व निर्णय) की तरह काम करेगा और भविष्य में इसी तरह के मामलों में मार्गदर्शन देगा।

फैसले में यह भी कहा गया कि यदि कोई प्लेटफॉर्म या व्यक्ति इस आदेश का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शत्रुघ्न सिन्हा की अगली सुनवाई 30 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है, जहां अंतिम रूप से इस मामले पर विस्तृत निर्णय हो सकता है।



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