कॉमनवेल्थ में पदक विजेता अलीगढ़ में गांव सिरसा के धावक गुलवीर सिंह के नाम पर उनके गांव में स्टेडियम की मांग पर रार शुरू हो गई है। शुक्रवार को गुलवीर के परिवार ने विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चौ.ऋषिपाल सिंह पर यह आरोप लगाकर विरोध किया कि गुलवीर अपने गांव में स्टेडियम बनवाना चाहता है। एमएलसी ने उसे खारिज कराने की धमकी दे दी है।
हालांकि एमएलसी ने इस तरह के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। साफ कहा है कि वे हर स्तर पर गुलवीर के साथ हैं, वो जो कहेंगे वैसा किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले एशियन गेम्स में पदक जीतने के बाद गुलवीर सिंह ने शासन से अपने पैतृक गांव सिरसा में युवाओं के लिए स्टेडियम बनवाने की मांग की थी।
हाल ही में प्रदेश सरकार ने अतरौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिधीपुर में करीब पांच एकड़ भूमि पर आधुनिक स्पोर्ट्स स्टेडियम की स्वीकृति दी है। जिसे गुलवीर सिंह के नाम पर बनवाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलवीर का पैतृक गांव सिरसा है, जबकि प्रस्तावित स्टेडियम का स्थान वहां से करीब 5 किलोमीटर दूर है। इसी के विरोध में शुक्रवार दोपहर ग्रामीणों ने उड़िया बाबा मंदिर पर प्रदर्शन किया।
गुलवीर सिंह के पिता पप्पू सिंह और भाई मोनू चौधरी ने बताया कि स्टेडियम के संबंध में चर्चा के लिए एमएलसी चौधरी ऋषिपाल सिंह ने वीडियो कॉल के माध्यम से गुलवीर सिंह से बात की। आरोप है कि एमएलसी ने स्टेडियम पालीमुकीमपुर में बनाए जाने की बात कही। इस पर गुलवीर सिंह ने कहा कि स्टेडियम कहीं भी बनाया जाए, लेकिन यदि वह उनके नाम पर बन रहा है तो उनके गांव सिरसा में ही बनाया जाए। उनका कहना था कि उनकी पहचान उनके गांव से है और दूसरे स्थान पर स्टेडियम बनने से गांव के युवाओं को करीब 5 किलोमीटर दूर अभ्यास के लिए जाना पड़ेगा। गुलवीर सिंह ने कहा कि यदि गांव में स्टेडियम नहीं बनता है तो वह मुख्यमंत्री से मिलकर अपना प्रस्ताव रखेंगे। आरोप है कि इस पर एमएलसी ने उनके प्रस्ताव को खारिज कराने की धमकी दी।
यह बोले गांव वाले
गुलवीर सिंह जनपद के हर युवा की शान और प्रेरणास्रोत हैं। उनके नाम पर स्टेडियम पालीमुकीमपुर में बनाना उचित नहीं है।– फोटू चौधरी।
वीडियो कॉल पर एमएलसी से मेरी ही बात कराई गई थी। बातचीत के दौरान एमएलसी ने गुलवीर सिंह को धमकाया और गांव में स्टेडियम नहीं बनने देने की बात कही। – आकाश चौधरी (गुलवीर के मित्र)
गुलवीर ने देश के साथ-साथ गांव का भी नाम रोशन किया है। उसने ग्रामीणों से गांव में स्टेडियम बनवाने का वादा किया था, लेकिन राजनीतिक कारणों से स्टेडियम गांव से 15 किलोमीटर दूर स्वीकृत करा दिया गया।– नेम सिंह चौधरी ग्रामीण।








