नवनीत गुर्जर का कॉलम:  आज की राजनीति और बिखरती पार्टियां
टिपण्णी

नवनीत गुर्जर का कॉलम: आज की राजनीति और बिखरती पार्टियां

तर्क का अंत हो गया है। बुद्धि थक गई है। राजनीति की निर्णय-क्षमता पंगु हो गई है। इसलिए, सिर्फ इसलिए, हठ पर विजय नहीं मिल पा रही। एक वीरप्पन सालों-साल लोगों को मारता रहता है और राजनीति यह होने देती है। नक्सलवादी हमें भीतर तक चीरते रहते हैं, और सरकारें यह देखती रहती हैं। राजनीति […]