इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िताओं के गर्भपात मामलों में विभिन्न स्तरों पर होने वाली देरी को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) जनहित याचिका दर्ज की है। यह कार्यवाही 23 सितंबर 2025 से शुरू हुई, जिसमें कोर्ट ने समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप में आ रही बाधाओं और प्रशासनिक लापरवाही पर चिंता जताई। यह […]





