यह 1968 की एक रविवार की शाम थी। उन्होंने गली के छोर से उन्हें चलकर आते देखा। उनकी आंखों ने भांप लिया कि वे अपनी सामान्य अवस्था में नहीं थे। उनके एआई यानी एक्चुअल इंटेलिजेंस ने फौरन उन घटनाओं को परखना शुरू कर दिया, जो उनके दफ्तर में घट सकती थीं। उस दिन उनके बॉस […]





