टिपण्णी

रुचिर शर्मा का कॉलम: मस्क, आल्टमैन व जकरबर्ग ​पर फिल्में हमें क्या बताती हैं?

मैं कई वर्षों से फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची का विश्लेषण कर रहा हूं, ताकि उन देशों की पहचान कर सकूं, जहां सम्पत्ति की बढ़ती असमानता सामाजिक उथल-पुथल का कारण बन सकती है। इसके पीछे एक प्रमुख धारणा यह है कि जहां सम्पत्ति का प्रवाह टेक्नोलॉजी जैसे इनोवेटिव और उत्पादकता बढ़ाने वाले क्षेत्रों के ‘गुड […]

मार्क फडौल का कॉलम:  आपके चैटबॉट के कानों में कौन कानाफूसी कर रहा है?
टिपण्णी

मार्क फडौल का कॉलम: आपके चैटबॉट के कानों में कौन कानाफूसी कर रहा है?

एल्गोरिदम कभी तटस्थ नहीं होते। इसके बावजूद विगत एक दशक से अधिक समय से हमने बिग-टेक को इन्हें हमारे सूचना इको-सिस्टम के द्वारपाल के रूप में तैनात करने की अनुमति दे दी है और वह भी बिना पारदर्शिता या जवाबदेही की मांग किए। इसके परिणाम ध्रुवीकरण और सनसनीखेज कंटेंट के प्रसार से लेकर पर्सनलाइल्ड-विज्ञापनों, एकाधिकारवादी […]