“लग्जरी गाड़ियों का काफिला नारेबाजी के साथ आता है। उसमें से उतरते ही नेताजी के गले में मालाओं का ढेर लग जाता है। बैकग्राउंड में पटाखे छूट रहे हैं। गाड़ियों की छत पर खड़े समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं। ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच हवा में पर्चे और फूल उछाले जा रहे हैं। एक के […]




