टिप्स:  बॉस नजरअंदाज कर रहे हैं, तो ये 4 काम करें
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टिप्स: बॉस नजरअंदाज कर रहे हैं, तो ये 4 काम करें

आदर्श स्थिति में आपके बॉस आपको और आपके करियर लक्ष्यों को समर्थन देते हैं, नए अवसर खोलते हैं और कंपनी में आपकी सफलता का रास्ता आसान बनाते हैं। लेकिन वास्तविक दुनिया हमेशा आदर्श नहीं होती, और कभी-कभी वे मैनेजर भी अचानक अपना व्यवहार बदल लेते हैं जो पहले काफी सहयोगी लगते थे। अगर आपको एेसा […]

सेल्फ हेल्प किताबों से:  अपने काम को एक बड़े उद्देश्य से जोड़ें
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सेल्फ हेल्प किताबों से: अपने काम को एक बड़े उद्देश्य से जोड़ें

किताबों से जानिए, क्यों प्रेरणा बाहर से नहीं थोपी जाती, भीतर से आती है? कैसे हमारी ऊर्जा और रचनात्मकता बढ़ती है? असली प्रेरणा बाहर से नहीं, भीतर से मिलती है इंसान को सबसे ज्यादा प्रेरणा तब मिलती है जब उसे अपने काम में अर्थ और स्वतंत्रता महसूस होती है। जब उसे महसूस होता है कि […]

टिप्स:  टीम के व्यक्तिगत विकास की ओर 5 कदम
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टिप्स: टीम के व्यक्तिगत विकास की ओर 5 कदम

एक मैनेजर के तौर पर क्या आप वास्तव में अपनी टीम को वह मार्गदर्शन, कोचिंग और सहयोग दे रहे हैं, जिसकी उसे आवश्यकता है? उत्कृष्ट लीडर्स समझते हैं कि लोग समय के साथ कैसे विकसित होते हैं। वे उसके अनुसार अपने व्यवहार, निर्णय और शैली में बदलाव करते हैं। इसके लिए ये प्रमुख कदम अपनाए […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सफल होने के लिए लीडर, पैरेंट्स और शिक्षक- सभी एक टेलर से भी सीखें!
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एन. रघुरामन का कॉलम: सफल होने के लिए लीडर, पैरेंट्स और शिक्षक- सभी एक टेलर से भी सीखें!

Hindi News Opinion N Raghuraman Column Leaders, Parents, And Teachers All Learn From A Tailor To Succeed! 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु वसंत पंचमी के दिन- जब मैं अपने टेलर के पास जाने ही वाला था- मेरी पत्नी नाराज हो गईं। वे बोलीं, मुझे समझ नहीं आता तुम एक ही शर्ट […]

कंवल रेखी का कॉलम:  युवाओं को डॉक्टर-इंजीनियर बनने से आगे का सोचना होगा
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कंवल रेखी का कॉलम: युवाओं को डॉक्टर-इंजीनियर बनने से आगे का सोचना होगा

मेरे पिता आर्मी में थे। द्वितीय विश्व युद्ध में उन्होंने शिरकत की थी। आज के पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित गांव सुखो से बंटवारे के बाद ‘दारजी’ यानी मेरे पिता अलग-अलग पोस्टिंग्स से होते हुए कानपुर पहुंचे, जहां मेरा बचपन बीता। आर्मी से होने के कारण ‘दारजी’ की नजर में सफलता के पैमाने मिलिट्री के ही […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  वर्कप्लेस बदलने वाले हैं, आप भी खुद को बदल लीजिए
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एन. रघुरामन का कॉलम: वर्कप्लेस बदलने वाले हैं, आप भी खुद को बदल लीजिए

‘दिमाग का दही हो गया’- ये बात एक मिडिल लेवल मैनेजर खुद से बड़बड़ा रहा था, क्योंकि वहां उससे बोलने के लिए कोई था ही नहीं। उस बड़े से शॉप फ्लोर पर वह अकेला इंसान था। लेकिन अचानक पीछे से आवाज आई- ‘ये दही क्या होता है?’ उसे पता था कि कौन है। उसने पलटकर […]