ज्यां द्रेज का कॉलम:  जीने के हमारे पुराने तरीके कहीं गुम होते जा रहे हैं…
टिपण्णी

ज्यां द्रेज का कॉलम: जीने के हमारे पुराने तरीके कहीं गुम होते जा रहे हैं…

पुराने दिनों में रांची एक सुंदर शहर हुआ करता था। तब यह आज के जैसा बड़ा शहर नहीं, बल्कि एक छोटा-सा कस्बा था, जिसके चारों ओर कई आदिवासी बस्तियां थीं। बीच में बहुत सारे तालाब, नदियां और बगीचे थे। फिर धीरे-धीरे इन बस्तियों की जगह बड़े मकान, मॉल और फ्लाईओवर बन गए। अब सिर्फ उनके […]