एन. रघुरामन का कॉलम:  छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं

मेरी भी कुछ छोटी लतें हैं। एक है ‘रिटर स्पोर्ट हेजलनट चॉकलेट’। यकीन मानिए कि 100 ग्राम के इस पैक को मैं हर लंच और डिनर के बाद चार हिस्सों में बांटकर महज दो दिनों में चट कर सकता हूं। हर विदेश यात्रा पर मैं पर्याप्त मात्रा में ये लेता हूं। बाहर से आने वाला […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं

मेरी भी कुछ छोटी लतें हैं। एक है ‘रिटर स्पोर्ट हेजलनट चॉकलेट’। यकीन मानिए कि 100 ग्राम के इस पैक को मैं हर लंच और डिनर के बाद चार हिस्सों में बांटकर महज दो दिनों में चट कर सकता हूं। हर विदेश यात्रा पर मैं पर्याप्त मात्रा में ये लेता हूं। बाहर से आने वाला […]