टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चों को ऐसी दुनिया का सपना देखने दें, जिसमें वे रहना चाहते हैं

अगर कोई आपसे उस दुनिया का सपना देखने को कहे, जिसकी आप कल्पना करते हैं तो इसे समय की बर्बादी कहते हुए खारिज मत करिएगा। और यदि बच्चों से ऐसा कहा जाए तो उनके लिए यह कोई ऐसी चीज बनाने की शुरुआत हो सकती है, जो अभी अस्तित्व में ही नहीं है। बच्चों में यह […]