एन. रघुरामन का कॉलम:  आपात स्थिति में घबराहट के बजाय धैर्य का चुनाव करें
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: आपात स्थिति में घबराहट के बजाय धैर्य का चुनाव करें

पिछले हफ्ते सोमवार से बुधवार के बीच हजारों किलोमीटर की दूरी पर स्थित दो अलग-अलग स्थानों पर दो घटनाएं हुईं। एक मध्य प्रदेश के भोपाल में और दूसरी जापान के क्यूशू द्वीप पर। भोपाल में मानसून के भारी बादल छाए हुए थे, जिनमें जापान के चिंता से भरे माहौल की झलक दिख रही थी। ‘किसान […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  घर में रसोईघर और पूजाघर के महत्व को भी समझा जाए
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: घर में रसोईघर और पूजाघर के महत्व को भी समझा जाए

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Importance Of Kitchen And Puja Room At Home 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता मुझे अनेक घरों में जाने का अवसर मिलता है। लोग प्रेम से, सम्मान से घर दिखाते हैं। कुछ अवसरों पर मैं जेन-जी के शानदार फ्लैटों में भी जाता हूं। यहां मैं […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  स्मार्ट बोर्ड शिक्षण संस्थानों में ब्लैक बोर्ड जैसे क्यों बनते जा रहे हैं?
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: स्मार्ट बोर्ड शिक्षण संस्थानों में ब्लैक बोर्ड जैसे क्यों बनते जा रहे हैं?

Hindi News Opinion N Raghuraman Column | Smart Boards Vs Blackboards In Education System 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हम ऐसे दौर में जी रहे हैं, जहां नॉलेज महज एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकता है। कोई इंस्पायर्ड टीचर दुनिया के ऐसे बेहतरीन आइडिया, वीडियो और इलस्ट्रेशन तत्काल क्लासरूम में दिखा […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  जब बच्चे टू-व्हीलर्स के लिए जिद करें, तो उन्हें जीवन के सबक भी दें
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: जब बच्चे टू-व्हीलर्स के लिए जिद करें, तो उन्हें जीवन के सबक भी दें

Hindi News Opinion N Raghuraman Column | Bengaluru Parents Advice On Teen Two Wheeler Demand 54 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु शुक्रवार को जब मैं बेंगलुरु में उस 7 किलोमीटर लंबे मार्ग से गुजर रहा था, जहां बायोकॉन पार्क, माइक्रो लैब्स लिमिटेड, एपोटेक्स रिसर्च, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का सेज परिसर, कार्ल जेइस इंडिया, […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रकृति और परमात्मा चातुर्मास में अलग ढंग से आपके साथ में हैं
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति और परमात्मा चातुर्मास में अलग ढंग से आपके साथ में हैं

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Chaturmas Significance & Spiritual Growth 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आने वाले चार महीने हम मनुष्यों के लिए एक अलग यात्रा के रहेंगे। आज हरिशयनी एकादशी है। साल भर हमारी कुछ आदतें रहीं- अच्छी भी, बुरी भी। आदत बनती है समय और व्यवहार से। […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  इतिहास बोझ नहीं, बल्कि एक विरासत है
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: इतिहास बोझ नहीं, बल्कि एक विरासत है

जब भी मैं मेहमानों को मुंबई के अंधेरी-कुर्ला रोड लेकर जाता हूं तो बताता हूं कि 1940 से 1980 के दशक तक यह इलाका बॉम्बे (अब मुंबई) के सबसे व्यस्त फिल्म निर्माण केंद्रों में से एक हुआ करता था। मोहन स्टूडियो में मुगल-ए-आजम, देवदास और बंदिनी जैसी महान फिल्में शूट हुई थीं। मुगल-ए-आजम के लिए […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  जो भी काम करें, गंभीरता, लगन व ईमानदारी से करें
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जो भी काम करें, गंभीरता, लगन व ईमानदारी से करें

बहानों को आगे-पीछे झूठ में बदलना ही पड़ता है, इसलिए बहाने बनाने की आदत छोड़ें। जो भी काम करें, गंभीरता, लगन और ईमानदारी से करें। बहाना एक तरह की बेईमानी है और यदि आदत में आ गया तो बहाना अपराध बन जाएगा। अगर आप बहुत काम नहीं करते हैं तो इसका मतलब आपको बहाने बनाने […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  असली नेतृत्व यह भी सिखाता है कि हारने पर क्या करना है
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: असली नेतृत्व यह भी सिखाता है कि हारने पर क्या करना है

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Real Leadership Teaches How To Handle Loss 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पहले सीखने-सिखाने के तरीके भी अलग थे। नहाते हुए पानी छींटना, तकिए से एक-दूसरे पर प्रहार करना, चादरें ओढ़ कर डराना। इन खेलों के पीछे एक मनोविज्ञान काम करता था। कैसे प्रहार […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  विपरीत वातावरण में सिर्फ अध्यात्म से मिलेगी शांति
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: विपरीत वातावरण में सिर्फ अध्यात्म से मिलेगी शांति

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: In An Adverse Environment, Peace Will Come Only Through Spirituality 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता झूठ बोलना एक विकल्प है, जिसे हम चुनते हैं। क्योंकि जिसे झूठ बोलना आता है, वो सच तो बोल ही सकता है। लेकिन जब भी हमारे पास चयन का अवसर […]