एक दौर था जब दिल्ली का कनाट प्लेस स्थित सुपर बाजार शहर के वैभव और आम आदमी की जरूरतों का पर्याय हुआ करता था। 1966 में सरकार द्वारा मूल्य नियंत्रण के उपाय के रूप में शुरू किया गया यह विशाल सुपरस्टोर आज खंडहर में तब्दील हो चुका है और अपने पुनरुद्धार के लिए कानूनी दांव-पेंच […]





