हमेशा सामान्य रहने की कोशिश करें। जब समाज में आपकी प्रतिष्ठा और पहचान होती है तो और अधिक सामान्य बनने का प्रयास करें। जब कभी हमारा कहीं अपमान हो जाए तो उससे व्यथित होने की जगह उस परिस्थिति और व्यक्ति से सीखें कि ऐसा हुआ क्यों। बल्कि मन ही मन उस स्थिति का आभार व्यक्त […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कोई गुरु न मिले तो हनुमान जी को अपना गुरु बनाइए
दुनियादारी के प्रति भ्रम हो तो उसका निपटारा हो भी जाता है, लेकिन जब भ्रम ईश्वर के प्रति होता है तो पूरा जीवन गड़बड़ा सकता है। काकभुशुंडिजी ने एक पंक्ति बोली- निर्गुन रूप सुलभ अति सगुन जान नहिं कोई, सुगम अगम नाना चरित सुनि मुनि मन भ्रम होई। निर्गुण रूप अत्यंत सुलभ, सहज ही समझ […]
गुरु के प्रभाव से धर्म-सत्य की जीत के संकेत: युद्ध को लेकर ज्योतिषाचार्य का दावा, दादागिरी करने वालों को मिलेगा सबक – Bhopal News
वैश्विक स्तर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ज्योतिषीय विश्लेषण एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है। ज्योतिषाचार्य व ज्योतिष मठ संस्थान के अध्यक्ष पं. विनोद गौतम के अनुसार ग्रहों की चाल में हो रहे बदलाव आने वाले समय में युद्ध जैसे हालात को कमजोर कर सकते हैं, वहीं इस […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमें यह सीखना चाहिए कि संतत्व का मजाक न बनाएं
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column We Must Learn Not To Make Fun Of Sainthood 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता समाज का आचरण इन दिनों ऐसा हो गया है कि साधु को अत्यधिक सावधानी रखनी पड़ेगी। धर्म में राजनीति आएगी तो राजनीति के दोष भी आएंगे। लेकिन जब भी ऐसा हो […]
‘महादेव एंड संस’ में प्यार, नफरत और परिवार की परीक्षा:25 साल की कहानी में नए ट्विस्ट, भानु का धोखा और बहुओं की एंट्री
महादेव एंड संस एक भावनात्मक पारिवारिक ड्रामा है, जो रिश्तों, संघर्ष और संस्कारों की कहानी कहता है। यह शो एक ऐसे व्यक्ति की यात्रा दिखाता है, जो अनाथ होने से लेकर परिवार के मुखिया बनने तक का सफर तय करता है। महादेव और विद्या का अटूट प्रेम, त्याग और समझ इस कहानी की आत्मा है। […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: धर्म को योग से जुड़ना पड़ेगा, इस युग में ये बहुत जरूरी है
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Religion Needs Yoga | Modern Era Essential 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता एक बहुत गहरी बात है कि पागलपन पूजा बन जाए तो ठीक है। लेकिन पूजा पागलपन नहीं बननी चाहिए। इस दर्शन को हमारे संतों ने अच्छे-से समझा था। भक्तिकाल के जितने महात्मा हुए, […]










