एन. रघुरामन का कॉलम:  एआई इंसानों की ‘ड्यूरेबल स्किल्स’ की नकल कभी नहीं कर सकता
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: एआई इंसानों की ‘ड्यूरेबल स्किल्स’ की नकल कभी नहीं कर सकता

मैं जितना ज्यादा अस्पतालों में जाता हूं, उतने ही ज्यादा आत्मविश्वास से बाहर निकलता हूं। क्योंकि जब मैं किसी मरीज और नर्स के बीच बातचीत देखता हूं, जिसमें बॉडी लैंग्वेज को समझने और अनकही बातों को भी ‘बिटवीन द लाइन्स’ पढ़ने की स्किल दिखती है तो मेरा भरोसा यह सोचकर और बढ़ जाता है कि […]