रीता कोठारी का कॉलम:  अपने अनुभवों के लिए हमारे पास क्या हमेशा शब्द होते हैं?
टिपण्णी

रीता कोठारी का कॉलम: अपने अनुभवों के लिए हमारे पास क्या हमेशा शब्द होते हैं?

कई साल पहले मैं अपनी चाची को एक प्रख्यात होम्योपैथ के पास ले गई थी। जैसा कि होम्योपैथी में अकसर होता है, मेरी चाची से कई सवाल पूछे गए- आप कहां रहती हो, घर में कौन-कौन है, आप को चिंता करने की आदत है, आप गुस्से में आ जाती हो या नहीं? मेरे परिवार के […]

बुक रिव्यू: ताकत बाहर नहीं, भीतर है:  हर दिन एक नया मौका है, कुछ सीखने, जीतने, विनम्र होने का, अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें
महिला

बुक रिव्यू: ताकत बाहर नहीं, भीतर है: हर दिन एक नया मौका है, कुछ सीखने, जीतने, विनम्र होने का, अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें

14 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक किताब- ‘द ग्रेटनेस माइंडसेट’(‘द ग्रेटनेस माइंडसेट‘ किताब का हिंदी अनुवाद) लेखक- लुईस हाव्ज अनुवाद- अजय शर्मा प्रकाशक- पेंगुइन मूल्य- 350 रुपए ‘द ग्रेटनेस माइंडसेट’ लुईस हाव्ज की एक ऐसी किताब है, जो हमें अपने भीतर की ताकत को पहचानने और उसे बाहर लाने की प्रेरणा देती है। लुईस […]