मेंटल हेल्थ- 25 साल बाद पेरेंट्स के घर लौटी हूं:  यहां मन नहीं लग रहा, अपनी अकेली जिंदगी याद आती है, क्या मैं स्वार्थी हूं
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मेंटल हेल्थ- 25 साल बाद पेरेंट्स के घर लौटी हूं: यहां मन नहीं लग रहा, अपनी अकेली जिंदगी याद आती है, क्या मैं स्वार्थी हूं

सवाल- मेरी उम्र 45 साल है। पिछले 25 सालों से मैं घर से दूर रह रही थी। पहले पढ़ाई और फिर जॉब के लिए। एक साल पहले ही मैं अपने होमटाउन में पेरेंट्स के घर में शिफ्ट हुई हूं। लेकिन जैसा मैंने सोचा था, वैसा बिल्कुल फील नहीं हो रहा। मुझे लगा था कि इतने […]

जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

शिव-पार्वती से क्यों नाराज हुए कार्तिकेय स्वामी: रिश्तों में गुस्से के पीछे निराशा, उपेक्षा, असुरक्षा या बात न सुने जाने की भावना हो सकती है, इसे समझेंगे, तो रिश्ते सुधरेंगे

रिश्तों में कभी-कभी गुस्सा और मनमुटाव होना स्वाभाविक है। जब किसी अपने को लगता है कि उसके साथ न्याय नहीं हुआ या उसकी भावनाओं को समझा नहीं गया, तो वह खुद को सबसे दूर कर सकता है। ऐसे समय में अक्सर लोग सोचते हैं कि सामने वाला जब शांत होगा, तब खुद ही वापस आ […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: जब बच्चों को हमारी जरूरत नहीं रह जाती, तब हमारा दूसरा उद्देश्य क्या होता है?

वे दिन याद कीजिए जब बच्चा बस यह कह देता था कि मुझे यह चाहिए, और आप किसी तरह थोड़ी-बहुत बचत करके, अपने पति से कुछ छिपाकर उसकी वह इच्छा पूरी करने का रास्ता निकाल लेती थीं। वे दिन याद कीजिए जब बच्चे का शरीर कढ़ाही की तरह तप रहा होता था तो आप पूरी-पूरी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अब हमारे परिवारों में रिवर्स मेंटरिंग का समय आ गया है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अब हमारे परिवारों में रिवर्स मेंटरिंग का समय आ गया है

हमारे परिवारों में देखते ही देखते हम लोगों ने विभेद खड़े कर दिए। परिवार में सब समान होते हैं, ये विचार ही नई सोच की आंधी में उड़ गया। निज-हित की अति ने परिवार में कलह, विघटन को आमंत्रण दे दिया। बड़े-छोटे का झंझट अहंकार को पोषित कर रहा है और अहंकार परिवारों का सबसे […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारे आसपास कुछ नि:स्वार्थ व समझदार लोगों का क्यों होना जरूरी है
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एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे आसपास कुछ नि:स्वार्थ व समझदार लोगों का क्यों होना जरूरी है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Why It Is Essential To Have Selfless And Sensible People Around Us 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु लीवेई ने अपने बच्चों के लिए सब कुछ दे दिया। उन्होंने दिन-रात मेहनत की ताकि बच्चों को किसी चीज की कमी न रहे। उन्होंने अपना आराम छोड़ा, ताकि […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  अपनों के बीच आ रही दूरी को कैसे टालें?
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एन. रघुरामन का कॉलम: अपनों के बीच आ रही दूरी को कैसे टालें?

अपने आसपास देखिए, पांच साल की उम्र के कई बेटे होंगे, जो अपने पिता को ‘माय सुपर हीरो’ कहते हैं। जब वह 10 साल का होता है तो यह छवि थोड़ी दूसरे दर्जे पर आती है और बेटा कहने लगता है कि ‘मेरे पिता सुपर हीरो हैं, लेकिन अकसर गुस्सा हो जाते हैं।’ आप लहजा […]

पेरेंटिंग- “मेरा 13 साल का बेटा पोर्न देख रहा था”:  टीन एज बच्चे से इस बारे में कैसे करें बात, चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट के 10 सुझाव
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पेरेंटिंग- “मेरा 13 साल का बेटा पोर्न देख रहा था”: टीन एज बच्चे से इस बारे में कैसे करें बात, चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट के 10 सुझाव

7 घंटे पहले कॉपी लिंक सवाल- मैं इंदौर की रहने वाली हूं। मेरा 13 साल का एक बेटा है। एक दिन वह अपना कमरा बंद करके लैपटॉप में पोर्न वीडियो देख रहा था। जब मैं अचानक उसके कमरे में पहुंची तो यह देखकर शॉक्ड हो गई। मैंने गुस्से में आकर उसे मारा-पीटा। काफी डांटने और […]