बचपन में, मैं कभी उनके बैठने से पहले नहीं बैठता था। इसलिए उस दिन जब वे मेरे बाद बैठे, तो यह कुछ अजीब-सा लगा। लेकिन कोई विकल्प नहीं था। मुझे अपनी पहली कार- एक सेकंड-हैंड फिएट पार्किंग से निकालकर उनके पास लानी थी। उन्होंने अपना हाथ कार की छत पर ऐसे रखा, जैसे उसे आशीर्वाद […]
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एन. रघुरामन का कॉलम: पिता कब आपके अच्छे दोस्त बन जाते हैं?
बचपन में, मैं कभी उनके बैठने से पहले नहीं बैठता था। इसलिए उस दिन जब वे मेरे बाद बैठे, तो यह कुछ अजीब-सा लगा। लेकिन कोई विकल्प नहीं था। मुझे अपनी पहली कार- एक सेकंड-हैंड फिएट पार्किंग से निकालकर उनके पास लानी थी। उन्होंने अपना हाथ कार की छत पर ऐसे रखा, जैसे उसे आशीर्वाद […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मां के हाथ के भोजन में होते हैं स्मृति, प्रेम और पवित्रता
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: Maa Ke Haath Ka Khana | Memory, Love, Purity 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपनी हैसियत के बाहर जाकर बच्चों के भविष्य के लिए कुछ करना आज भारतीय माता-पिता की जीवनशैली बन गया है। वहीं सरकार में बैठे लोग अपनी हरकतों से बच्चों के सपनों […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बदलते समय में परिवारों का आधार परमात्मा होना चाहिए
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta: Family Base Should Be Parmatma In Changing Times | Yoga 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कुछ बातों ने बाहर का जीवन तो दूभर कर ही दिया है- शोर, शराबा, शराब, शान, शौकत। इनके कारण बाहर की दुनिया बड़ी विचित्र-सी और बेचैन करने वाली हो गई। एक […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अब हमारे परिवारों में रिवर्स मेंटरिंग का समय आ गया है
हमारे परिवारों में देखते ही देखते हम लोगों ने विभेद खड़े कर दिए। परिवार में सब समान होते हैं, ये विचार ही नई सोच की आंधी में उड़ गया। निज-हित की अति ने परिवार में कलह, विघटन को आमंत्रण दे दिया। बड़े-छोटे का झंझट अहंकार को पोषित कर रहा है और अहंकार परिवारों का सबसे […]
एन. रघुरामन का कॉलम: ऑल-इन-वन प्रजाति यानी स्त्रियों से मैंने दो शानदार सबक सीखे हैं!
Hindi News Opinion N Raghuraman Column: 2 Lessons Learned From All in One Species Women 8 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 1. बाहर तापमान एक अंक में हो या मूसलधार बारिश हो रही हो- उनका एक नियम अटल था : सुबह 5 बजे से बहुत पहले जब अलार्म घड़ी बज उठे तो […]
एन. रघुरामन का कॉलम: ऑल-इन-वन प्रजाति यानी स्त्रियों से मैंने दो शानदार सबक सीखे हैं!
Hindi News Opinion N Raghuraman Column: 2 Lessons Learned From All in One Species Women 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 1. बाहर तापमान एक अंक में हो या मूसलधार बारिश हो रही हो- उनका एक नियम अटल था : सुबह 5 बजे से बहुत पहले जब अलार्म घड़ी बज उठे तो […]
Dunia Mere Aage: Father’s silent innocence, an attempt to understand the depth of relationships – दुनिया मेरे आगे: पिता की खामोश मासूमियत, रिश्तों की गहराई को समझने की एक कोशिश
Dunia Mere Aage: Father’s silent innocence, an attempt to understand the depth of relationships – दुनिया मेरे आगे: पिता की खामोश मासूमियत, रिश्तों की गहराई को समझने की एक कोशिश | Jansatta Source link










