सक्सेस मंत्रा- आलोचना न करें, फीडबैक दें:  दोनों में क्या है अंतर, एक से बढ़ती शर्मिंदगी तो दूसरे से हौसला, फीडबैक लेना भी कला है
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सक्सेस मंत्रा- आलोचना न करें, फीडबैक दें: दोनों में क्या है अंतर, एक से बढ़ती शर्मिंदगी तो दूसरे से हौसला, फीडबैक लेना भी कला है

13 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही बात को दो अलग-अलग तरीकों से कहने से कितना फर्क पड़ सकता है? फर्ज करिए कि आपने अपने दोस्त को एक नया आइडिया बताया और जवाब में उसने कहा कि, ‘ये तो बेकार है, बकवास है।’ अब वही दोस्त अगर […]