रॉबर्ट फ्रॉस्ट मशहूर अमेरिकी कवि थे। केवल कविता लेखन के लिए ही उनको चार बार पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 1. जंगल में दो रास्ते अलग हुए थे, मैंने वह रास्ता चुना जिस पर कम लोग चले थे…और उसी ने मेरी जिंदगी में सारा फर्क पैदा किया। 2. जिंदगी ऐसे जिएं जैसे […]
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इंस्पायरिंग: निराशा के बाद भी अगले दिन का इंतजार… यही असली आजादी है – शकीरा
सिंगर-परफॉर्मर शकीरा ने एक मुफ्त कॉन्सर्ट के लिए अनुमानित 20 लाख प्रशंसकों की भीड़ जुटाई। उनके जीवन से जुड़ी कुछ प्रेरक बातें, उन्हीं की जुबानी… जब मैं आज स्टेज पर खड़ी होकर हजारों लोगों के चेहरे टटोलती हूं… तो किसी की आंखों में खुशी पाती हूं और किसी को मेरे साथ गाता देखती हूं। अब […]
रसरंग में चिंतन: स्वतंत्रता के साथ लिए गए निर्णय भी हमारे होते हैं?
अस्तित्ववादी दार्शनिक ज्यां पॉल सार्त्र हमेशा चयन यानी चॉइस पर जोर देते थे। उनका सवाल था कि जीवन में असली महत्व किसका है – चयन का या चयनहीनता का? हालात के दलदल में फंसे मनुष्य के पास आखिर कौन सी वास्तविक पसंद बचती है? अक्सर मनुष्य परिस्थितियों के षड्यंत्र की कठपुतली बन जाता है। वह […]
सेल्फ हेल्प किताबों से: बिना डरे सच बोलने की आजादी हो
4 घंटे पहले कॉपी लिंक किताबों से जानिए, कैसे उम्र उद्देश्य के अभाव में मन पर असर डालती है? कोई न सुने, तो अपने भीतर की आवाज सुनें कुछ लोगों को एक ऐसे श्रोता की जरूरत होती है, जो जवाब न दे। जो बीच में न टोके, सही-गलत का फैसला न सुनाए। धैर्य हमें वह […]
आशुतोष वार्ष्णेय का कॉलम: तेजी से बदल रहे हैं दुनिया के समीकरण
1958 से 1998 के बीच वेनेजुएला लैटिन अमेरिका के 20 देशों में से सिर्फ तीन स्थिर लोकतंत्रों में शामिल था। बाकी दो देश कोस्टा रीका और कोलम्बिया थे। 1999 में पूर्व सैन्य अधिकारी ह्यूगो चावेज के राष्ट्रपति बनने के साथ ही वेनेजुएला में लोकतंत्र कमजोर होना शुरू हुआ और वक्त के साथ हालात बिगड़ते गए। […]
Small producers upset with the functioning of the Censor Board | सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली से छोटे प्रोड्यूसर्स परेशान: लगाया भेदभाव का आरोप, सीबीएफसी के अधिकारी नहीं देते हैं जवाब
9 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक सेंसर बोर्ड हमेशा अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में रहता है। भारत में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) फिल्मों की सामग्री जांचकर प्रमाणित करता है, लेकिन कटौती और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पर सवाल बने रहते हैं। रूढ़िवादी दृष्टिकोण, राजनीतिक हस्तक्षेप और अभिव्यक्ति स्वतंत्रता के टकराव ने इसे विवादों […]










