इंस्पायरिंग:  निराशा के बाद भी अगले दिन का इंतजार… यही असली आजादी है – शकीरा
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इंस्पायरिंग: निराशा के बाद भी अगले दिन का इंतजार… यही असली आजादी है – शकीरा

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सिंगर-परफॉर्मर शकीरा ने एक मुफ्त कॉन्सर्ट के लिए अनुमानित 20 लाख प्रशंसकों की भीड़ जुटाई। उनके जीवन से जुड़ी कुछ प्रेरक बातें, उन्हीं की जुबानी… जब मैं आज स्टेज पर खड़ी होकर हजारों लोगों के चेहरे टटोलती हूं… तो किसी की आंखों में खुशी पाती हूं और किसी को मेरे साथ गाता देखती हूं। अब मुझे एहसास होता है कि मेरी जिंदगी का असली मतलब क्या है। करीब 30 साल हो गए मुझे संगीत की दुनिया में। आज भी लोग मेरे गानों से खुद को जोड़ते हैं, यह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। पहले मैं सिर्फ गाने गाती थी, शो करती थी, आगे बढ़ना चाहती थी। लेकिन अब समझ आया कि मैं सिर्फ गाने नहीं गा रही…मैं लोगों के दिलों से भी जुड़ रही हूं। यही मेरी असली पहचान है।
मेरी जिंदगी हमेशा इतनी चमकदार नहीं थी। मैंने भी तकलीफ देखी है। धोखा देखा है। दुख, निराशा और टूटने वाले पल देखे हैं। ऐसे पल, जब लगता था कि सब खत्म हो गया। एक समय था जब मैं हमेशा कहती थी…मुझे ये चाहिए, मुझे वो चाहिए…। शायद मैं थोड़ी बिगड़ी हुई थी। लेकिन जिंदगी ने मुझे सिखाया कि हर बार आपको वो नहीं मिलता जो आप चाहते हैं… कई बार जिंदगी आपको वो देती है जिसकी आपको सच में जरूरत होती है।
आज मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो महसूस होता है कि मेरे पास पहले से कितना कुछ है… मेरे बच्चों का प्यार, फैंस का प्यार, हर रात स्टेज पर जाकर वो काम करना जिसे मैं दिल से प्यार करती हूं। आखिर इससे बड़ी दौलत क्या है? मैंने सीखा कि खुशी सिर्फ बाहरी चीजों से नहीं आती। खुशी तो एक फैसला है। दर्द होने के बावजूद मुस्कराना… निराशा के बाद भी अगले दिन का इंतजार करना… यही असली आजादी है।
मैं कोलंबिया के बरांक्विला शहर से आई एक साधारण लड़की थी। उस समय लैटिन म्यूजिक दुनिया में लोकप्रिय नहीं था। स्पैनिश गानों को अंतरराष्ट्रीय मंच नहीं मिलता था। मेरे पास कोई बड़े संपर्क नहीं थे, सोशल मीडिया नहीं था, कोई शॉर्टकट नहीं था। मेरे पिता का बिजनेस खत्म हो गया था। हमारे पास बहुत पैसा नहीं था। लेकिन मेरे माता-पिता ने मेरी पढ़ाई पर कभी समझौता नहीं किया। यही मेरी सबसे बड़ी ताकत बनी।
अपने सपनों तक पहुंचने के लिए मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी। आज जब मैं अपने शो में 100 मीटर लंबी स्क्रीन देखती हूं, बड़े-बड़े विजुअल्स, आतिशबाजी, स्टेज लिफ्ट्स, 13 कॉस्ट्यूम चेंज… तो मुझे लगता है कि 18 साल की वो लड़की, जिसने कभी बड़े सपने देखे थे, आज उन सपनों के बीच खड़ी है। जितना बड़ा सपना होता है, उतनी बड़ी चुनौतियां आती हैं। कई मुश्किल पल आए। फिर भी हार नहीं मानी। क्योंकि मुझे समझ आ गया था कि जिंदगी का मतलब सिर्फ जीतना नहीं… सीखना भी है।
कुछ घाव कभी पूरी तरह नहीं भरते। दर्द के साथ भी खुश रहा जा सकता है। मैं भी यही कर रही हूं। अगर जिंदगी आपको तोड़ने की कोशिश करे, तब भी आप अपने सपनों का हाथ मत छोड़िए। अगर लोग आप पर शक करें, तब भी खुद पर भरोसा बनाए रखिए। अगर दर्द मिले, तब भी मुस्कराइए। क्योंकि असली ताकत गिरने में नहीं… गिरकर फिर उठ खड़े होने में है। जिंदगी से बड़ा कोई टीचर नहीं हो सकता
जिंदगी मेरी सबसे बड़ी टीचर रही है। उसने मुझे सिखाया कि खराब मौसम हमेशा नहीं रहता। आज भी मुझे लगता है कि मेरी शुरुआत अभी हुई है। मेरे अंदर वही जुनून है, वही आग है, जो पहले दिन थी। शायद उससे भी ज्यादा…।
(तमाम इंटरव्यूज में)



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