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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने व्यक्तित्व को निखारने की कला का नाम ही विवेक है

Hindi News Opinion Column By Pt. Vijay Shankar Mehta – Wisdom Is The Art Of Refining One’s Personality. 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अगर विवेक जाग जाए तो किसी की भी वाणी सुखदायक, गंभीर और कोमल वचन वाली हो जाएगी। काकभुशुंडि जी ने राम जी की वाणी के लिए कहा था- सुनि […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: भगवान गणेश एक यूनिवर्सल और लाइफलॉन्ग टीचर हैं

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – Lord Ganesha Is A Universal And Lifelong Teacher. 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु क्या आप जानते हैं कि भगवान विष्णु की तरह भगवान गणेश के भी कई अवतार हैं? ‘मुद्गल’ पुराण में उनके ऐसे कई भव्य अवतारों का वर्णन है। इनमें से हर अवतार […]

जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

महाभारत- कुंती ने भीम को राक्षस के पास क्यों भेजा?: जब कोई हमारी मदद करे तो 7 बातें हमेशा ध्यान रखें, जीवन में सुख-शांति और ईश्वर की कृपा मिल सकती है

3 घंटे पहले कॉपी लिंक महाभारत में वनवास के समय कुंती अपने पांचों पुत्रों- युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव के साथ वन में लगातार यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान वे एक गांव में पहुंचे। वे गांव में एक ब्राह्मण के घर ठहरे थे। उस गांव के लोग एक राक्षस से बहुत परेशान थे। […]

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लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: जीवन की सुंदरता पर ध्यान दें – मार्कस ऑरेलियस

6 घंटे पहले कॉपी लिंक मार्कस ऑरेलियस प्राचीन रोमन सम्राट और स्टोइक दर्शन के प्रमुख विचारक थे। उनके विचार आत्म-अनुशासन, धैर्य और संतोष की सीख देते हैं। 1. आपके मन पर आपका नियंत्रण है, बाहरी घटनाओं पर नहीं। इस बात को समझें, आपको शक्ति प्राप्त होगी। 2. जीवन की सुंदरता पर ध्यान केंद्रित करें। तारों […]

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रश्मि बंसल का कॉलम: हम सबकी ‘हीरोज़ जर्नी’ होती है, बस कहानियां अलग हैं…

पिक्चर देखने का शौक हम सबको है। थिएटर में पॉपकॉर्न के साथ, या फिर अपने घर में पसरे हुए, किसी छोटी या बड़ी स्क्रीन पर। हर पिक्चर में होता है एक हीरो (और हीरोइन) और पहले दस मिनट के अंदर ही हम जान जाते हैं कि इस इंसान को जूझना पड़ेगा, कुछ संघर्ष करना पड़ेगा। […]

जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

संत की राजा को सीख: गुस्सा आने पर तुरंत जवाब देने के बजाय कुछ देर रुकें, सोच-विचार के बाद प्रतिक्रिया देंगे, तो जीवन शांत रहेगा

एक लोक कथा है। पुराने समय में एक राजा के जीवन में किसी चीज की कमी नहीं थी, लेकिन उसका मन हमेशा अशांत रहता था। वह छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंतित रहता और रात में भी ठीक से सो नहीं पाता था। एक दिन परेशान होकर राजा अपने राज्य के विद्वान संत के पास पहुंचा। […]

जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

गुरु की शिष्य को सीख: बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वयं को उसके योग्य बनाना पड़ता है, सही जानकारी, धैर्य और मेहनत से सफलता मिलती है

20 घंटे पहले कॉपी लिंक एक लोक कथा है। पुराने समय में एक आश्रम में एक गुरु अपने शिष्यों को शिक्षा दे रहे थे। एक दिन आश्रम में एक नया शिष्य आया। उसने देखा कि सभी शिष्य गुरु की बात बड़े ध्यान से सुनते हैं। गुरु के ज्ञान और व्यवहार के कारण हर कोई उनका […]

बुक रिव्यू- भारतीय राजनीति में लोहिया का योगदान:  आजादी की लड़ाई से लेकर समाजवादी आंदोलन तक, लोहिया को समझने के लिए पढ़ें ये किताब
महिला

बुक रिव्यू- भारतीय राजनीति में लोहिया का योगदान: आजादी की लड़ाई से लेकर समाजवादी आंदोलन तक, लोहिया को समझने के लिए पढ़ें ये किताब

Hindi News Lifestyle Lohia: Ek Pramanik Jivani Book Review; Rammanohar Lohiya Life Lessons | Indian Politics 22 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक किताब: लोहिया (एक प्रामाणिक जीवनी) लेखक: ओंकार शरद प्रकाशक: लोकभारती मूल्य: 175 रुपए भारत की राजनीति में कुछ नेता ऐसे रहे हैं, जिन्हें उनके समय से कहीं ज्यादा बाद की पीढ़ियों ने […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: प्यार और अच्छी चीजें थोड़ी मात्रा में भी असरदार होती हैं

बचपन में सड़क पर खेलना- खासकर तब जब मौसम बहुत अनुकूल न हो- कभी आसान काम नहीं था। घंटेभर तक इधर-उधर भागने के बाद हम पसीने से तरबतर हो जाते और अपनी प्यास बुझाने के लिए किसी चीज की बेसब्री से तलाश करने लगते। सड़क किनारे लगा हैं डपंप प्यास तो बुझा देता था, लेकिन […]

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लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: प्रकृति से हमें हर दिन कोई नई सीख मिलती है – थिओडोर पार्कर

थिओडोर पार्कर अमेरिकी धर्म प्रचारक और यूनिटेरियन चर्च के सुधारवादी पादरी थे। उनके प्रगतिशील विचारों ने अब्राहम लिंकन और मार्टिन लूथर किंग को भी प्रभावित किया था। 1. लोकतंत्र का अर्थ यह नहीं है कि ‘मैं आप जितना अच्छा हूं’, बल्कि यह है कि ‘आप उतने अच्छे हैं जितना मैं हूं।’ 2. जो किताबें आपको […]

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सेल्फ हेल्प किताबों से: हर समय मजबूत दिखना जरूरी नहीं

5 घंटे पहले कॉपी लिंक किताबों से जानिए, खुद को लगातार बेहतर साबित करने की कोशिश आखिर कितनी नुकसानदायक है? अपनी अपूर्णताओं को स्वीकारें, कमजोरियां व्यक्तित्व का हिस्सा हैं हमें लगता है अगर हम ज्यादा सफल, ज्यादा सुंदर, ज्यादा सक्षम या हर किसी को खुश रखने वाले बन जाएं, तो हम खुद को पर्याप्त मानेंगे। […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: जब टीचर खुद एक सबक बन गए

Hindi News Opinion N Raghuraman Column | School Teacher Life Lesson & Student Experience 55 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु किसी स्कूली छात्र से पूछिए कि उसे कैसा लगता है, जब उसका नाम पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम पर लिया जाता है और उसे ऑफिस में बुलाया जाता है। उन चंद मिनटों में […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: जब टीचर खुद एक सबक बन गए

Hindi News Opinion N Raghuraman Column | School Teacher Life Lesson & Student Experience 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु किसी स्कूली छात्र से पूछिए कि उसे कैसा लगता है, जब उसका नाम पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम पर लिया जाता है और उसे ऑफिस में बुलाया जाता है। उन चंद मिनटों में […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: यदि अन्न साध लिया तो समझें कि आधा मेडिटेशन भी हो गया

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Meditation Through Mindful Eating Habits 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता बहुत सारी जोड़ियां इस संसार में मशहूर हैं। ऐसे ही स्वभाव और आचरण की भी कुछ जोड़ियां हैं, जिनका तालमेल ठीक से बैठना चाहिए। जैसे ज्ञान के साथ विवेक, शील के साथ सदाचार, सत्य […]

बुक रिव्यू- आर्थिक फैसलों में हिस्सेदारी:  औरतें कैसे सीखें पैसा कमाना, पैसे से पैसा बनाना, आर्थिक आजादी के सबक सिखाती किताब
महिला

बुक रिव्यू- आर्थिक फैसलों में हिस्सेदारी: औरतें कैसे सीखें पैसा कमाना, पैसे से पैसा बनाना, आर्थिक आजादी के सबक सिखाती किताब

Hindi News Lifestyle Main Hoon Apni Dhanlakshmi Book Review; Financial Independence | Money Budgeting 6 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक किताब- मैं हूं अपनी धनलक्ष्मी (‘आई एम माय ओन लक्ष्मी’ का हिंदी अनुवाद) लेखिका- आरती गुप्ता अनुवाद- यामिनी रामपल्लीवार प्रकाशक- पेंगुइन मूल्य- 350 रुपए बेटियों को पढ़ाया जाता है, नौकरी करने के लिए प्रोत्साहित […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भजन का एक अर्थ यह भी है कि अन्न का दान और सम्मान करें

Hindi News Opinion Column By Pt. Vijay Shankar Mehta – One Meaning Of ‘Bhajan’ Is Also To Donate And Respect Food. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता यह तो तय है कि भगवान का भजन करो तो क्लेश मिट जाते हैं। अपने भी, दूसरों के भी। वैसे क्लेश का सीधा अर्थ होता है […]

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इंस्पायरिंग: जिंदगी कभी आपको रोके, तो समझें कि वो आपको ज्यादा मजबूत कर रही है -बियोन्से

मशहूर सिंगर बियोन्से ने कोलंबिया में भीषण भूकंप पीड़ितों के लिए 10 लाख डॉलर दान दिए हैं। आम इंसान से रॉक स्टार बनने के सफर का हासिल, उन्हीं की जुबानी… अगर मैं अपनी जिंदगी के पहले दस सालों को याद करूं, तो मुझे लगता है कि वे साल सपने देखने के थे। बचपन में बहुत […]

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सेल्फ हेल्प किताबों से: अपने विश्वासों पर सवाल उठाने का साहस करें

3 घंटे पहले कॉपी लिंक किताबों से जानिए, आखिर क्यों जीवन में हर बहस जीतना जरूरी नहीं? अपनी सोच पर सवाल उठाना भी समझदारी है कई बार हम सच जानना नहीं चाहते, यह साबित करना चाहते हैं कि हम सही हैं। लेकिन सीखने की शुरुआत वहीं होती है, जहां हम अपने विश्वासों पर सवाल उठाने […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जब-जब अधर्म का अंधेरा आए, सावधानी से धर्म पर काम करें

धर्म कभी नष्ट नहीं होता, वह केवल लुप्त होता है। और अधर्म भी नष्ट नहीं होता, थोड़े समय के लिए अनुपस्थित हो जाता है। यदि अधर्म नष्ट हो जाता हमेशा के लिए, तो महाभारत के बाद कलियुग में फिर वही सब न होता। लेकिन कृष्ण भी जानते थे कि ना धर्म नष्ट होगा, ना अधर्म। […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन देह नहीं आत्मा पर टिका है, रक्षाबंधन की यही सीख

गहराई से भीतर देखें तो हमें अपने भीतर कोई न कोई जानवर सक्रिय होता दिख जाएगा। जिसका जानवर जाग जाए और बाहर की गतिविधि पर अपना प्रभाव रख दे तो फिर हम पशु जैसे हो जाते हैं। भारतीय परंपरा ने इसी जानवर को बांधने के लिए रक्षाबंधन का त्योहार बनाया। यह एक धागा हमें नैतिक […]

बुक रिव्यू- पीपल की छांव में:  एक आदमी, एक पेड़ और एक ऐसी मुहिम की कहानी, जो धीरे-धीरे आंदोलन बन गई
महिला

बुक रिव्यू- पीपल की छांव में: एक आदमी, एक पेड़ और एक ऐसी मुहिम की कहानी, जो धीरे-धीरे आंदोलन बन गई

16 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक किताब का नाम: पीपल की छांव में लेखक: पीपल बाबा प्रकाशक: पेंगुइन मूल्य: 299 रुपए हम अक्सर पर्यावरण की बात तब करते हैं, जब गर्मी बढ़ जाती है, बारिश का मौसम बदल जाता है या किसी शहर की हवा जहरीली हो जाती है। लेकिन पेड़, मिट्टी, पक्षी और […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अच्छा बोलने और सुनने का भी आध्यात्मिक अभियान हो

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Spiritual Art Of Speaking And Listening 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हमारी आत्मा हमसे बात करती है। यह अलग बात है कि हम सुन नहीं पाते। आयुर्वेद विज्ञान कहता है कि जो पंचतत्व प्रकृति में हैं, वही हमारे भीतर हैं। ध्वनि का प्रतिनिधि आकाश […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: टेढ़ा खड़ा रहना कोई गलत नहीं है, लेकिन सही है।

सबसे पहले उन विज्ञापन जिंगल्स को याद करें, जो ‘टेढ़ा है…’ से शुरू होते थे या वे विज्ञापन, जो ‘…सही है’ पर खत्म होते थे? और कल्पना कीजिए कि जब आप 3 साल के थे तो कैसे आंखें बंद करके एक पैर पर सारस की तरह खड़े होते थे, दूसरा पैर किक मारने के लिए […]

जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

प्रेरक कथा- संत की महिला को सीख: जीवन में ज्ञान की कमी से ज्यादा समस्या कई बार नकारात्मकता होती है, इसलिए दूसरों को बदलने से पहले अपनी बुराइयां दूर करें

लोक कथा है- पुराने समय में एक साधु रोज भिक्षा मांगने एक गांव में जाता था। एक दिन वह एक घर के सामने पहुंचा। उस घर से एक महिला बाहर आई और बोली, “महाराज, आज कोई ज्ञान की बात बताइए, तभी मैं आपको भिक्षा दूंगी।” साधु मुस्कुराया और बोला, “आज नहीं, कल बताऊंगा।” इतना कहकर […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: शालीनता वहां निखरती है, जहां रुतबा नहीं दिखता

फिल्मों में कुछ भावनात्मक भूमिकाएं ऐसी होती हैं, जो आपकी स्मृति पर अमिट छाप छोड़ जाती हैं। मेरे लिए तमिल में निर्मित “अन्नै’ (मां) भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल थी। 1962 की इस फिल्म को मैंने शायद 10 साल की उम्र में देखा था। फिल्म एक निःसंतान दम्पती की कहानी पर आधारित थी, जिन्हें […]