एआई की मदद से काम पूरा कर रहे लोगों से पूछिए कि वे इससे कितना समय बचा लेते हैं? वे आपको यह कह कर चौंका सकते हैं कि ‘एआई ने हमारा काम बेहतर नहीं, बदतर कर दिया है।’ महज कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि सबसे बड़े एआई समर्थकों को भी इससे सबसे बड़ी उम्मीद यही थी […]
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डायने कॉयल का कॉलम: एआई की मदद से ‘वन-मैन- यूनिकॉर्न’ भी अब सम्भव है
कई लोगों को डर है कि एआई नौकरियों के लिए बड़ा संकट साबित हो सकता है। इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में भी रोजगार पर इस तकनीक के प्रभाव को लेकर चेतावनी दी गई। हाल के दिनों में व्हाइट-कॉलर जॉब्स में कटौती की घोषणाओं को व्यापक रूप से आने वाले समय के […]
AI के कारण एंट्री लेवल जॉब खतरे में: 30-50 की उम्र वालों को नए मौके मिलेंगे, अमीर देशों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) अब सिर्फ तकनीक नहीं, यह दुनिया के कारोबार, नौकरियों और समाज को बुनियादी रूप से बदल रहा है। बीसीजी-मोलोको की रिपोर्ट बताती है कि न्यूज, ट्रेवल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए एआई सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि चैटजीपीटी जैसे टूल्स अब सीधे ग्राहक और ब्रांड के बीच आ गए हैं। ये […]
रुचिर शर्मा का कॉलम: एआई के चलते बेरोजगारी फैलने का अंदेशा कम ही है
हर तकनीकी क्रांति अपने साथ ये अंदेशे लेकर आती है कि इनोवेशन की मार नौकरियों पर पड़ेगी। इतिहास में अभी तक ये अंदेशे कभी सच साबित नहीं हुए। लेकिन एआई की बात और है। इसमें सच में ही इतनी क्षमता है कि वह अनेक कार्य मनुष्यों की तरह- या उनसे कहीं बेहतर कर सकता है। […]
रुचिर शर्मा का कॉलम: एआई के चलते बेरोजगारी फैलने का अंदेशा कम ही है
हर तकनीकी क्रांति अपने साथ ये अंदेशे लेकर आती है कि इनोवेशन की मार नौकरियों पर पड़ेगी। इतिहास में अभी तक ये अंदेशे कभी सच साबित नहीं हुए। लेकिन एआई की बात और है। इसमें सच में ही इतनी क्षमता है कि वह अनेक कार्य मनुष्यों की तरह- या उनसे कहीं बेहतर कर सकता है। […]
पीटर कर्षलैगर का कॉलम: काम करने का प्रश्न मनुष्य के अस्तित्व की गरिमा से जुड़ा है
जिसे हम आमतौर पर एआई कहते हैं, वह वास्तव में डेटा-बेस्ड सिस्टम्स (डीएस) का एक सेट है। ये तकनीकें इंसानी जीवन के हर पहलू को बदल रही हैं। नए बिजनेस मॉडल बढ़ा रही हैं और समूची अर्थव्यवस्थाओं को नए सिरे से गढ़ रही हैं। समय के साथ ये नई नौकरियां पैदा करने, उत्पादकता बढ़ाने और […]
एन. रघुरामन का कॉलम: वर्कप्लेस बदलने वाले हैं, आप भी खुद को बदल लीजिए
‘दिमाग का दही हो गया’- ये बात एक मिडिल लेवल मैनेजर खुद से बड़बड़ा रहा था, क्योंकि वहां उससे बोलने के लिए कोई था ही नहीं। उस बड़े से शॉप फ्लोर पर वह अकेला इंसान था। लेकिन अचानक पीछे से आवाज आई- ‘ये दही क्या होता है?’ उसे पता था कि कौन है। उसने पलटकर […]
एन. रघुरामन का कॉलम: 2026 में वर्कप्लेस पर इन दस बदलावों की उम्मीद है
Hindi News Opinion N Raghuraman Column: 10 Workplace Changes Expected In 2026 | AI & Automation 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु जैसे केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने गिग वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 10-मिनट डिलीवरी के चलन को रोकने के लिए पहल की, वैसे ही साल 2026 में वर्कप्लेस पर […]











