पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अनुभव शरीर से जुड़ा है तो अनुभूति हृदय और आत्मा से
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अनुभव शरीर से जुड़ा है तो अनुभूति हृदय और आत्मा से

शंकराचार्य जी ने दो बातें हमारे बड़े काम की बोली हैं। पहली बात वे कहते हैं मंदिर वही पहुंचता है, जो धन्यवाद देने जाता है, मांगने नहीं। और दूसरी बात, वास्तविक आनंद उन्हीं को मिलता है, जो आनंद की तलाश नहीं करते। तो पहली बात को यूं समझें कि जब भी हम लोग मंदिर जाएं, […]

Dunia Mere Aage: Don’t stop tears, these are the pure waters of the heart and the unspoken language of love and pain – मत रोकिए आंसू, हृदय का पवित्र जल तथा प्रेम और पीड़ा की अनकही भाषा है ये; समझना होगा इसका मोल
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Dunia Mere Aage: Don’t stop tears, these are the pure waters of the heart and the unspoken language of love and pain – मत रोकिए आंसू, हृदय का पवित्र जल तथा प्रेम और पीड़ा की अनकही भाषा है ये; समझना होगा इसका मोल

Dunia Mere Aage: Don’t stop tears, these are the pure waters of the heart and the unspoken language of love and pain – मत रोकिए आंसू, हृदय का पवित्र जल तथा प्रेम और पीड़ा की अनकही भाषा है ये; समझना होगा इसका मोल | Jansatta Source link