Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: AI In Life, Mutual Amplification | Hindu Philosophy 12 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जब श्रीराम ने युद्ध के पहले अंगद को दूत बनाकर रावण के पास भेजा तो एक बहुत अच्छी बात उन्होंने बोली थी- अंगद, रावण से तुम्हारा व्यवहार इस प्रकार होना चाहिए कि […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कोई गुरु न मिले तो हनुमान जी को अपना गुरु बनाइए
दुनियादारी के प्रति भ्रम हो तो उसका निपटारा हो भी जाता है, लेकिन जब भ्रम ईश्वर के प्रति होता है तो पूरा जीवन गड़बड़ा सकता है। काकभुशुंडिजी ने एक पंक्ति बोली- निर्गुन रूप सुलभ अति सगुन जान नहिं कोई, सुगम अगम नाना चरित सुनि मुनि मन भ्रम होई। निर्गुण रूप अत्यंत सुलभ, सहज ही समझ […]






