पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रकृति और मनुष्य के बीच भी भावनात्मक संबंध बढ़ें
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति और मनुष्य के बीच भी भावनात्मक संबंध बढ़ें

पेड़ भी कुछ कहना चाहते हैं। यह प्रकृति के पक्ष में बोली जाने वाली आदर्श पंक्तियां नहीं, इसके पीछे एक सच काम कर रहा है। 20 से 100 किलोहर्ट्ज पर पेड़-पौधे आवाज करते हैं और इसे दूसरे पेड़ और कुछ जानवर सुनते भी हैं। इसके वैज्ञानिक प्रयोग हो चुके हैं। जैसे शांत पलों में पेड़ […]