पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  दु:ख की समझ का नाम ही दु:ख का मिटना है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दु:ख की समझ का नाम ही दु:ख का मिटना है

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Understanding Sorrow Is Ending Sorrow 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में हमारा इरादा कई चीजें कमाने का होता है। धन, पद, प्रतिष्ठा, सुख, परिवार- ये सब कमाई के हिस्से हैं। लेकिन दो और चीजें भी हमारी कमाई बन जाती हैं- सुख और दु:ख। सुख […]

प्रो. चेतन सिंह सोलंकी का कॉलम:  धरती को बचाने की नहीं, जीने के तरीके बदलने की जरूरत है
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प्रो. चेतन सिंह सोलंकी का कॉलम: धरती को बचाने की नहीं, जीने के तरीके बदलने की जरूरत है

Hindi News Opinion Prof Chetan Singh Solanki Column: Change Living Ways To Save Ourselves, Not Earth 10 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रो. चेतन सिंह सोलंकी आईआईटी बॉम्बे में प्रोफेसर पिछले कुछ वर्षों से मैं देशभर में यात्रा करते हुए हजारों लोगों से मिला हूं। पर्यावरण विषय पर लगभग हर शहर, कॉलेज और कार्यक्रम में मुझे […]

Jansatta Sarokar: India’s way of thinking changed with Modi, now the country is deciding its own identity – जनसत्ता सरोकार: मोदी के साथ बदला भारत का सोचने का तरीका, अब देश खुद तय कर रहा है अपनी पहचान
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Jansatta Sarokar: India’s way of thinking changed with Modi, now the country is deciding its own identity – जनसत्ता सरोकार: मोदी के साथ बदला भारत का सोचने का तरीका, अब देश खुद तय कर रहा है अपनी पहचान

Jansatta Sarokar: India’s way of thinking changed with Modi, now the country is deciding its own identity – जनसत्ता सरोकार: मोदी के साथ बदला भारत का सोचने का तरीका, अब देश खुद तय कर रहा है अपनी पहचान | Jansatta Source link