Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column | Political Innovation Essential For Governments 5 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ अगर आप वादा करें कि आप गूगल में सर्च नहीं करेंगे तो मैं आपसे तीन सवाल करना चाहूंगा। पहला सवाल : मोदी सरकार में ज्ञानेश कुमार से पहले कितने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) […]
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चार साल में 111 सांसद-विधायकों ने पार्टी बदली: इनमें 26% भाजपा में गए, नगालैंड और बंगाल में सबसे ज्यादा मामले; ADR रिपोर्ट
नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक देश में 2022 से 2026 के बीच चुनाव जीतने के बाद 111 सांसदों और विधायकों ने पार्टी बदली। इनमें 26 लोकसभा सांसद, 7 राज्यसभा सांसद और 78 विधायक शामिल हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इसके मुताबिक, […]
हामिद अंसारी ने पूर्व पीएम नेहरू की बात दोहराई: बोले- भारत को असली खतरा कम्युनिज्म से नहीं, हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से था
पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू का एक पुराना बयान दोहराते हुए कहा कि भारत को असली खतरा कम्युनिज्म से नहीं, हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से था। अंसारी ने यह बात तीसरे एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में कही। यह कार्यक्रम अब्दुल गफूर नूरानी के जीवन और काम पर आयोजित किया गया था। […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: देश की राजनीति में इन दिनों एक तरह की नई इबारत लिखी जा रही है…
Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Changing Political Landscape & Climate Crisis 8 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर मौसम, गीत और लोकगीत अब लगभग एक जैसे हो चले हैं। मौसम जाने किस प्रदेश के, किस शहर की, किस गली में सूखा रहेगा, और किस गली को भिगोएगा, पता ही नहीं चलता। जिन प्रदेशों […]
मिन्हाज मर्चेंट का कॉलम: हमेशा ही नकारात्मक बातें करना तो ठीक बात नहीं
हर चीज में मीनमेख निकालने वाले लोगों को जब प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नाराज फूफा’ कहकर पुकारा तो मानो उन्होंने ऐसे लोगों की नब्ज पकड़ ली। हर परिवार में ऐसे लोग होते हैं, जो हर चीज में शिकायत ढूंढ लेते हैं। जाहिर है, मोदी का यह तंज वायरल होना ही था। विपक्षी नेताओं ने भी इसे […]
नीरजा चौधरी का कॉलम: आगामी चुनावों में हर राज्य में एक-दूसरे से भिन्न समीकरण हैं
Hindi News Opinion Neerja Chowdhury’s Column – The Equations In Each State Differ From One Another In The Upcoming Elections. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक नीरजा चौधरी वरिष्ठ राजनीतिक टिप्पणीकार दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री के सम्मिलित होने को असल में अगले साल यूपी, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, […]
ADR रिपोर्ट- 5 राज्यों में 1405 दागियों ने लड़ा चुनाव: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पार्टियां बता नहीं पाईं- 191 दागियों को टिकट क्यों दिया
नई दिल्ली23 मिनट पहले कॉपी लिंक हाल ही में 5 राज्यों असम, केरलम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के चुनाव में सियासी दलों ने दागी उम्मीदवारों को टिकट देने के कारणों का खुलासा नहीं किया। 11 सितंबर को ऐसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, इन विधानसभा चुनावों में […]
रिपोर्ट-5 राज्यों में क्रिमिनल केस वाले 1405 उम्मीदवारों को टिकट: राजनीतिक दलों ने 176 दागियों को प्रत्याशी बनाने की वजह नहीं बताई
Hindi News National BJP Congress Criminal Candidates; Assam Tamil Nadu C7 Forms | ADR Report नई दिल्ली8 घंटे पहले कॉपी लिंक एसोसिएशन फ्रॉम डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 5 राज्यों में आपराधिक मामलों वाले 1405 उम्मीदवारों को टिकट दिए गए। ये राज्य असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी हैं। […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: कोई हमें अन्नदाता कहे या जनता जनार्दन, पर चुनावों के हम मालिक नहीं हैं
उत्तर प्रदेश और पंजाब दो अहम राज्य हैं, जहां चुनाव होने वाले हैं। तमाम राजनीतिक पार्टियां इन चुनावों के लिए ही अपनी कमर कस रही हैं। नए-नए प्रभार गढ़े जा रहे हैं और नए-नए प्रभारी बनाए जा रहे हैं। हर तरह से, हर तरफ जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। अगर कोई बेफिक्र बैठा […]
संजय कुमार का कॉलम: भारत की राजनीति में कोई एक समान ‘यूथ वोट’ नहीं है
देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं के प्रदर्शनों के बाद उभरते हुए ‘युवा वोट बैंक’ की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि आगामी चुनावों में युवा क्या भूमिका निभा सकते हैं? क्या वे चुनावी नतीजे तय करने में निर्णायक भूमिका निभाने जा रहे हैं? यह चर्चा इसलिए भी अहम […]
आशुतोष वार्ष्णेय का कॉलम: महिलाओं के पक्ष में एक नई राजनीतिक भाषा सुनाई दी है
कुछ दिनों पहले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान पुणे में युवा महिलाओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत में आदर्श नारी को तीन वर्गों में डाल दिया जाता है, उसे सिर्फ बेटी, पत्नी या मां के रूप में देखा जाता है। राहुल ने आगे कहा कि इनमें से किसी एक […]
अर्घ्य सेनगुप्ता और स्वप्निल त्रिपाठी का कॉलम: कुल कितने सांसद हमारे लिए अंतत: पर्याप्त साबित होंगे?
हाल ही में तमिलनाडु में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह ने की। बैठक के दौरान तमिलनाडु और कर्नाटक ने आग्रह किया कि लोकसभा का आकार न बढ़ाया जाए। इससे पहले तमिलनाडु विधानसभा ने भी इसी आशय का एक प्रस्ताव पारित किया था। लेकिन लोकसभा सीटें बढ़ाने का […]
आशुतोष वार्ष्णेय का कॉलम: वेलफेयर योजनाएं नौकरियों की जगह नहीं ले सकती हैं
2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान मैं अवध में फील्ड रिसर्च कर रहा था। यह लखनऊ के आसपास का इलाका था। मेरी टीम और मैं एक मध्यम उम्र के कम आय वाले दम्पती से मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी मुफ्त राशन योजना के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वे भाजपा को वोट […]
प्रियदर्शन का कॉलम: आने वाले समय की सियासत में महिलाओं का दखल बढ़ेगा
गत 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री ने विधायिका में 33 फीसदी महिला आरक्षण के वादे की याद दिलाई। बीते हफ्ते पुणे में राहुल गांधी ने भी हजारों छात्राओं से संवाद किया। इसके पहले जंतर-मंतर पर जो आंदोलन चला, उसमें लड़कियां अग्रिम पंक्ति में नजर आई थीं। कुछ पीछे मुड़कर देखें तो किसान आंदोलन […]
चिदंबरम ने वन नेशन वन इलेक्शन को असंवैधानिक बताया: समिति से बोले- मेरा जमीर इसके समर्थन की गवाही नहीं देता
नई दिल्ली58 मिनट पहले कॉपी लिंक पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने संसद की संयुक्त समिति के सामने इसे “राक्षसी” और “असंवैधानिक” पहल बताया। पूर्व गृह और वित्त मंत्री ने कहा कि एक देश, एक चुनाव के तहत पूरे देश […]
स्मृति ईरानी बोलीं- राहुल पहले महिला आरक्षण लागू होने दें: पूरा वंदे मातरम भी गाएं; यह देवी दुर्गा के बारे में है
भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने रविवार को राहुल गांधी से मांग करते हुए कहा कि देश में पहले महिला आरक्षण लागू होने दें। उन्होंने कहा कि अगर राहुल महिलाओं के समर्थन में हैं तो इसे 33% आरक्षण लागू कराने और पूरे वंदे मातरम के गायन का समर्थन करके साबित करें। स्मृति ने कांग्रेस हेडक्वॉर्टर में […]
एक संसद सत्र में बिल लाने-पास कराने का ट्रेंड बढ़ा: रिपोर्ट- मानसून सत्र में 7 बिल बिना चर्चा 5 मिनट में ही पास
संसद में अब तक पेश किए गए आधे से ज्यादा बिल उसी सत्र के दौरान दोनों सदनों से पास हो गए। यह डेटा PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च ने जारी किया है। संस्था के सेशनवाइज डेटा के मुताबिक पिछले एक साल में बिल पेश करने और उन्हें पास कराने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। PRS के […]
आरती जेरथ का कॉलम: देश को विपक्ष से सकारात्मक बातों की भी अपेक्षा होती है
पिछले सप्ताह राजधानी दिल्ली में ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान दुनिया के नेताओं को गले लगाने की आदत का मजाक उड़ाया। अपेक्षाकृत युवा दर्शक इस मजाक पर हंसे जरूर, लेकिन बात तब अरुचिकर हो गई, जब कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इसमें इटली […]
पवन के. वर्मा का कॉलम: हमारी राजनीति में हमेशा ही विसंगतियां क्यों बनी रहती हैं?
हमें स्वीकारना होगा कि हमारे लोकतंत्र के केंद्र में एक विरोधाभास है। हम इसमें व्याप्त विसंगतियों का विरोध तो करते हैं, लेकिन शायद ही कभी पूछते हैं कि वे क्यों बनी रहती हैं। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, परीक्षा में अनियमितताओं, महंगाई, आरक्षण, हिंसा और अन्याय जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर आंदोलन खड़े तो होते हैं, लेकिन […]
संजय कुमार का कॉलम: राज्यों में क्षेत्रीय दल अपना जनाधार कायम रखे हुए हैं
Hindi News Opinion Sanjay Kumar’s Column – Regional Parties In The States Are Maintaining Their Support Base. 8 घंटे पहले कॉपी लिंक संजय कुमार, प्रोफेसर और चुनाव विश्लेषक बंगाल में टीएमसी की हार और उसके बाद कई दलों में हुए दलबदल ने क्षेत्रीय दलों की प्रासंगिकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे। यह सच […]
विवाद के बाद कंगना के जेन-जी पर बदले बोल:कहा- ये सरकार की ताकत, इन पर गर्व, कुछ इनका नाम खराब कर रहे हैं; पहले कहा था गटरछाप
प्रोटेस्ट के बाद स्टूडेंट और जेन-जी पर निशाना साथ रहीं एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट के बोल बदल चुके हैं। एक्ट्रेस ने नए बयान में इस जनरेशन की सराहना की और कहा कि ये भी सरकार का ही हिस्सा हैं। हाल ही में संसद के बाहर कंगना से पूछा गया था कि राहुल गांधी कह […]
शशि थरूर का कॉलम: लोकतंत्र में सत्ता आखिरकार जनता के ही हाथों में रहती है
जो लोग भारत के लोकतंत्र को महज चुनावी मुकाबलों या संस्थाओं के कमजोर पड़ने की चेतावनियों के चश्मे से ही देखने के आदी हैं, उनके लिए हाल के सप्ताहों ने एक ताजगी भरा नजारा पेश किया होगा। एक ऑनलाइन-कटाक्ष के रूप में शुरू हुआ घटनाक्रम आधुनिक भारतीय इतिहास में सबसे उल्लेखनीय और सफल युवा नेतृत्व […]
मिन्हाज मर्चेंट का कॉलम: स्वस्थ राजनीति वही है जिसमें सकारात्मकता पर फोकस हो
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पास भारत के लिए एक दृष्टि जरूर हो सकती है, लेकिन वो क्या है ये स्पष्ट रूप से पता नहीं चलती। विपक्ष के नेता बनने के बाद दिए गए वक्तव्यों में उन्होंने भारत के बारे में अपनी सोच को स्पष्ट रूप से सामने नहीं रखा है। उन्होंने […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सत्ता अपना विरोध सुने और विरोधी अपनी मर्यादा न खोए
Hindi News Opinion Pt Vijayshankar Mehta Column | Power Opposition Ethics & Democracy Debate 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों देश में आंदोलनों का उत्सव चल रहा है। कभी छात्र, कभी किसान तो कभी विपक्ष अनुष्ठान की तरह आंदोलन कर रहा है। सब अपने-अपने स्तर पर यह समझाने की कोशिश कर […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: जाने कब वो दिन आएंगे, जब लोग अपने भीतर के देवताओं को जगाकर वोट देने लगेंगे
गुरु गोरखनाथ और उनके सहयोगी योगियों की भारतभर में कई कहानियां हैं। आज गोरखपुर में जो गोरखनाथ मंदिर है, वहां पहले घनी झाड़ियां थीं। कथा यूं है कि एक नेपाली सुंदरी ने गुरु गोरखनाथ को भोजन पर बुलाया। जानती थी योगी सिर्फ खिचड़ी खाते हैं। उसने पकवानों के थालों की तरह खिचड़ी के थाल परोसे। […]









