गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर जब पूरे गोवा में घरों की सफाई हो रही थी, दीये जलाए जा रहे थे और परिवार भगवान गणेश के स्वागत की तैयारी कर रहे थे, तब 65 साल के अशोक परनेम में कासरवर्ने के देउलवाड़ा वार्ड में एक छोटे-से घर में बीमार पड़े थे। 20 वर्गमीटर का यह […]
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: हिंदुस्तानी शादियों में तो सोने का वजन ही बताता है कि कितनी शानदार शादी हुई…
Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Gold Significance In Indian Weddings & Society 6 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर जैसे सोते वक्त आदमी “भावशून्य’ हो जाता है, वैसे ही सोने के भाव भी आम आदमी के लिए ज्यादा मायने नहीं रखते। खरीदना हो तो कितना ही महंगा हो खरीद ही लेता है। …और […]
चेतन भगत का कॉलम: सिविक-सेंस सुधारे बिना हम विकसित नहीं कहला सकते
इंटरनेट पर ‘डु इंडियंस लैक सिविक-सेंस’ खोजकर देखिए और आप चकित रह जाएंगे। ऐसे कंटेंट की भरमार है, जिसमें लोग हमारे नागरिकता-बोध पर खेद जताते नजर आते हैं। बात सड़कों, पर्यटन स्थलों, हिल स्टेशनों पर कूड़ा फेंकने तक ही सीमित नहीं है, दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों- जैसे बुर्ज खलीफा, एफिल टावर या वियतनाम की […]
मेघना पंत का कॉलम: रास्ते अलग हो जाने का ये मतलब नहीं कि दिलों में दूरियां भी हों
जब आमिर खान को उनकी पहली पूर्व पत्नी, दूसरी पूर्व पत्नी और होने वाली पत्नी के साथ एक ही कार में यात्रा करते देखा गया, तो स्वाभाविक रूप से हलचल मच गई। कुछ ने इसे आधुनिक कहा। कुछ ने इसे अजीब बताया। बहुत से लोग इसे समझ ही नहीं पाए। लेकिन शायद हम एक बड़ी […]
भोपाल सुसाइड केस के बाद कंगना रनोट की सलाह:बोलीं- लड़कियां शादी से पहले करियर को जरूरी समझें, पहले आत्मनिर्भर बनें
एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने देश में सामने आ रहे दहेज उत्पीड़न और सुसाइड के मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भोपाल में एक 33 साल की महिला की संदिग्ध मौत के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए एक लंबा पोस्ट लिखा। कंगना ने युवा महिलाओं को सलाह दी है […]
मेघना पंत का कॉलम: जन्म देने वाली महिलाओं को कैसे देखें-बिना उनसे नजरें फेरे?
“कब प्रेग्नेंट होओगी तुम? एज का तो ध्यान है ना? करियर तो तुम्हारा ठीक ही चल रहा है, फिर फैमिली कब बनाओगी? इतनी पतली हो, बच्चा कैसे होगा?’ समाज को प्रेग्नेंसी पसंद है। या बेहतर हो अगर कहें, समाज को प्रेग्नेंसी से बढ़कर उसका आइडिया पसंद है- उसका अमूर्त स्वरूप, उसकी घोषणा, हार्ट इमोजी के […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: घर की तरह ऑफिस, कैम्पस, बाजार में भी खुली सोच रखें
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Open Mind At Office, Campus, Market 55 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता राज्य-व्यवस्था को सही दिशा और ऊंची गति देने के लिए अलग-अलग राजाओं ने खूब प्रयोग किए हैं। अगर हम केवल राम और कृष्ण की बात करें तो अयोध्या और द्वारका के प्रयोग हमें […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: घर की तरह ऑफिस, कैम्पस, बाजार में भी खुली सोच रखें
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Open Mind At Office, Campus, Market 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता राज्य-व्यवस्था को सही दिशा और ऊंची गति देने के लिए अलग-अलग राजाओं ने खूब प्रयोग किए हैं। अगर हम केवल राम और कृष्ण की बात करें तो अयोध्या और द्वारका के प्रयोग हमें […]








