जो अपने जीवन के लक्ष्य को नकार दे, नास्तिकता उसके भीतर प्रवेश करने लगती है। कोई यूं ही नास्तिक नहीं हो जाता। जब वो परमशक्ति को प्राप्त करने की चुनौती से मुंह मोड़ता है, तब नास्तिक होता है। ईश्वर की खोज कितनी मायने रखती है- इसे समझना हो तो नास्तिक से पूछिए, आस्तिक नहीं बता […]
Tag: Inner Happiness
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आंतरिक खुशी चाहिए तो आस्तिकता स्वीकार करें
जो अपने जीवन के लक्ष्य को नकार दे, नास्तिकता उसके भीतर प्रवेश करने लगती है। कोई यूं ही नास्तिक नहीं हो जाता। जब वो परमशक्ति को प्राप्त करने की चुनौती से मुंह मोड़ता है, तब नास्तिक होता है। ईश्वर की खोज कितनी मायने रखती है- इसे समझना हो तो नास्तिक से पूछिए, आस्तिक नहीं बता […]




