पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  ईश्वर से मिलने के लिए कुछ समय भीतर जाना ही पड़ेगा
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ईश्वर से मिलने के लिए कुछ समय भीतर जाना ही पड़ेगा

जो हर जगह गूंज रहा है, उस दिव्य शक्ति, परमात्मा को समेटना ही भजन बन जाता है। भजन का सच्चा अर्थ यही है कि इसको करने वाला और सुनने वाला ध्वनि बन जाता है, मनुष्य नहीं रह जाता। जब ऐसा होता है तभी भजन का असली आनंद है। सच्चे भजन के लिए किसी ऑर्केस्ट्रा की […]

Dunia Mere Aage: The journey within is done through the mirror of self-reflection, it gives meaning and direction to life – दुनिया मेरे आगे: आत्मचिंतन के दर्पण से होती है भीतर की यात्रा, देती है जीवन को अर्थ और दिशा
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Dunia Mere Aage: The journey within is done through the mirror of self-reflection, it gives meaning and direction to life – दुनिया मेरे आगे: आत्मचिंतन के दर्पण से होती है भीतर की यात्रा, देती है जीवन को अर्थ और दिशा

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