जब भी मैं मेहमानों को मुंबई के अंधेरी-कुर्ला रोड लेकर जाता हूं तो बताता हूं कि 1940 से 1980 के दशक तक यह इलाका बॉम्बे (अब मुंबई) के सबसे व्यस्त फिल्म निर्माण केंद्रों में से एक हुआ करता था। मोहन स्टूडियो में मुगल-ए-आजम, देवदास और बंदिनी जैसी महान फिल्में शूट हुई थीं। मुगल-ए-आजम के लिए […]





