पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अपने आप को सात्विक रूप से सक्रिय रखना आवश्यक
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने आप को सात्विक रूप से सक्रिय रखना आवश्यक

सभी कहते हैं धैर्य रखो, लेकिन जब अवसर आता है तो धैर्य छूट जाता है। तब कुछ क्रियाएं है, जो अगर आप नियमित करें तो अपने-आप धैर्य का जन्म हो जाएगा। उनमें से एक है- कर्मकांड। पिछले दिनों मैं कोलकाता में कथा कर रहा था तो वहां मैंने अच्छे पढ़े-लिखे हाइटेक लोगों को कर्मकांड करते […]