रीटा कोठारी का कॉलम:  चीजों के पूरा होने और उनके धीरे-धीरे खुलने में फर्क है
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रीटा कोठारी का कॉलम: चीजों के पूरा होने और उनके धीरे-धीरे खुलने में फर्क है

Hindi News Opinion Reeta Kothari Column | Understanding Half Love & Modern Relationships 5 घंटे पहले कॉपी लिंक रीटा कोठारी अशोका यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर और भाषाविद् ‘प्यार’ कोई भौतिक चीज नहीं है। इसलिए जब हम ‘आधा इश्क’ या ‘हाफ लव’ कहते हैं, तो इसका क्या अर्थ होता है? जब प्यार या इश्क ‘आधा’ […]

रश्मि बंसल का कॉलम:  आज के युवा एक-दूसरे को कमिटमेंट देने से डरते क्यों हैं?
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रश्मि बंसल का कॉलम: आज के युवा एक-दूसरे को कमिटमेंट देने से डरते क्यों हैं?

दुनिया में दो तरह के मां-बाप होते हैं : एक जो अपने बच्चों की हरकतों से ‘अनजान’ हैं। और दूसरे, जो अपने बच्चों की हरकतों से ‘परेशान’ हैं। मेरा इशारा है उन ‘बच्चों’ की तरफ है, जो नाक-नक्श और कानून के हिसाब से तो बालिग हो गए हैं। लेकिन मां-बाप की नजर में अब भी […]

मेघना पंत का कॉलम:  रास्ते अलग हो जाने का ये मतलब नहीं कि दिलों में दूरियां भी हों
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मेघना पंत का कॉलम: रास्ते अलग हो जाने का ये मतलब नहीं कि दिलों में दूरियां भी हों

जब आमिर खान को उनकी पहली पूर्व पत्नी, दूसरी पूर्व पत्नी और होने वाली पत्नी के साथ एक ही कार में यात्रा करते देखा गया, तो स्वाभाविक रूप से हलचल मच गई। कुछ ने इसे आधुनिक कहा। कुछ ने इसे अजीब बताया। बहुत से लोग इसे समझ ही नहीं पाए। लेकिन शायद हम एक बड़ी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हम परिवारों में छोटी-छोटी एक्टिविटी पर ग्रिप बनाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हम परिवारों में छोटी-छोटी एक्टिविटी पर ग्रिप बनाएं

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Build Grip On Small Family Activities 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अब यह बात धीरे-धीरे स्थापित हो गई है कि पति-पत्नी का रिश्ता यदि बीमार हो तो तलाक उसकी दवा है। इस रिश्ते में जिस समझ की बात की जाती थी, वो भी अब […]