टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: एआई के युग में हर कृत्य मानव-मूल्यों से जुड़ा हो

समाजसेवा की दुनिया में एक शब्द चलता है- जन-जागरण। यह काम सबसे पहले श्रीराम ने किया। उनका उद्देश्य केवल रावण को समाप्त करना नहीं था, वे लोगों को जगाना चाहते थे। और लोगों को जगाने का अर्थ है कि आप जान जाएं जो भी काम आप कर रहे हैं, वह सही है या गलत। निर्भय-निष्काम […]