तीन दशक से भी अधिक समय से मैं कभी-कभी एक अजीब प्रश्न की ओर लौटता रहा हूं। अगर मेरा जन्म 1920 के दशक के भारत में हुआ होता, तो क्या होता? अगर मेरी किशोरावस्था स्वतंत्रता संघर्ष के अंतिम, उथल-पुथल भरे दशकों के बीच बीती होती, तो मैंने क्या देखा होता, क्या सुना होता और क्या […]




