2025 गया! 26 आ गया। अरदास यही है कि हमारे सभी कर्म सत्कर्म हों! ईश्वर कृपा करे कि इस बार पिछले साल जैसे हादसों का मुंह न देखना पड़े। हालांकि समय न किसी के लिए रुकता। न किसी के लिए चलता। उसकी अपनी चाल है। वर्षों से। युगों-युगों से। न वो कभी थका। न कभी […]





