नवनीत गुर्जर का कॉलम:  तुम सौदागर तेल के, हम कोल्हू के बैल!
टिपण्णी

नवनीत गुर्जर का कॉलम: तुम सौदागर तेल के, हम कोल्हू के बैल!

कच्ची घाणी। अब तो इसके लिए भी आधुनिक तरीके, मशीनें आ गई हैं। लेकिन पहले कोल्हू होता था और कोल्हू का बैल। जी, हम सब कच्ची घाणी के या कोल्हू के बैल ही तो हैं! कोल्हू चलता था तो ‘चक चूं’ करता था। बैल बस, सारी उम्र चलता रहता था। साल, महीने गिने बिना। गोल-गोल […]