एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या भारतीय पैरेंटिंग किसी भी पश्चिमी शैली से अधिक बेहतर हो सकती है?
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: क्या भारतीय पैरेंटिंग किसी भी पश्चिमी शैली से अधिक बेहतर हो सकती है?

अमेरिका में 4 से 8 साल की उम्र के बच्चों पर साल भर तक चले एक लंबे अध्ययन में पाया गया कि जब श्वेत बच्चे टीवी प्रोग्राम्स में अलग-अलग नस्लों के लोगों को साथ देखते हैं तो इससे उनके मन में किसी के प्रति भेदभाव विकसित नहीं होता। इस सोमवार को जर्नल ऑफ अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट्स […]