हरिद्वार12 घंटे पहले कॉपी लिंक माता-पिता और गुरु को ईश्वर का रूप माना जाता है। इनके लिए आदर, श्रद्धा का भाव रखना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है- मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, आचार्य देवो भव। इसका अर्थ है माता-पिता, गुरु और आचार्य ये सब देवताओं के समान हैं। जीवन के विभिन्न पड़ावों पर […]





