आदि गंगा विमलोदत्त कुंड के किनारे पिशाचमोचन पर 20 हजार से ज्यादा लोग हर दिन पुरखाें और अकाल मौत के लिए 10 से 12 तरह के श्राद्ध कर्म कराने आ रहे हैं। नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध और तर्पण अनुष्ठानों के बाद यहां दो ऐसे काम हैं जिनके बिना श्राद्ध-तर्पण की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाती। […]




