शेखर गुप्ता का कॉलम:  क्या राजनीति में सिद्धांत मायने रखते हैं?
टिपण्णी

शेखर गुप्ता का कॉलम: क्या राजनीति में सिद्धांत मायने रखते हैं?

सामूहिक दलबदल के इस मौसम में कई सवाल उभरते हैं : पार्टियां टूटती क्यों हैं? नेता दल क्यों बदलते हैं? क्या विचारधारा, सिद्धांत या वफादारी की कोई अहमियत है? इनके साथ एक और सवाल उभरता है : कुछ दल क्यों टूट जाते हैं, मगर कुछ क्यों नहीं टूटते? पहले यह देखें कि भारी ‘आवाजाही’ के […]