भास्कर सीरीज; 7 दिन… 7 रामायण, अपनी-अपनी रामकथा : भाग-5 में पढ़िए- कृत्तिवास रामायण। इसकी रचना बंगाल के प्रसिद्ध कवि कृत्तिवास ओझा ने 15वीं सदी में की थी। यह बांग्ला भाषा में रचित स्वतंत्र काव्य-कृति है, जिसने बंगाल के जन-जीवन व संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला। प्रसंग-1: श्रीराम ने की दुर्गा स्तुति रावण का वध […]
Tag: ramkatha
रामकथा: भाग-3- अद्भुत रामायण: मंदोदरी के गर्भ से पैदा हुईं थीं सीता, रावण के बड़े भाई सहस्रमुख रावण का वध किया सीता ने
भास्कर सीरीज; 7 दिन… 7 रामायण अपनी-अपनी रामकथा के भाग-3 में पढ़िए- अद्भुत रामायण। इसकी रचना 14वीं से 15वीं शताब्दी की गई। इसमें कुल 27 सर्ग हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता माता सीता को आद्याशक्ति के रूप में प्रस्तुत करना और सहस्रमुख रावण-वध कथा है… प्रसंग-1: गर्भपात करके धरती में गाड़ा था दशानन रावण ने […]




