2 घंटे पहले कॉपी लिंक मौलाना मोहम्मद जलालुद्दीन रूमी फारसी कवि थे, जिन्होंने मसनवी में अहम योगदान किया। सूफी मत में नर्तकों की परंपरा का संवर्धन भी किया था। 1. दूसरों की कहानियों से संतुष्ट मत हो जाएं, कि उनके साथ क्या हुआ। अपनी खुद की कथा को उजागर करें। 2. हर उस पुकार का […]





