एन. रघुरामन का कॉलम:  शहरों का दिल कभी गांवों के जैसा नहीं हो सकता
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एन. रघुरामन का कॉलम: शहरों का दिल कभी गांवों के जैसा नहीं हो सकता

“नानी, मैं स्कूल जा रहा हूं!’ मैं दरवाजे से चिल्लाकर कहता था और हर सुबह, उनकी तेज लेकिन प्यार से भरी हुई आवाज लौटकर आती थी : “कितनी बार समझाऊं? ऐसा कभी नहीं कहते हैं कि मैं जा रहा हूं, कहो कि मैं स्कूल जाकर आता हूं।’ मैं उनकी ओर देखे बिना मन ही मन […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  गाय हमारे ग्रामीण और शहरी जीवन की सशक्त कड़ी है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: गाय हमारे ग्रामीण और शहरी जीवन की सशक्त कड़ी है

Hindi News Opinion Pandit VijayShankar Mehta Column | Cow: Strong Link Rural & Urban Life 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भरोसे की चिट्ठी और सच्चाई की पावती हो, पुराने लोग ऐसा कहा करते थे। इसका मतलब होता है जो काम करो, सच्चाई के साथ करो। 27 अप्रैल को गो-सम्मान दिवस मनाया जाएगा। […]