टिपण्णी

शेखर गुप्ता का कॉलम: जेन-जी को संघ के समर्थन में एक सबक है

संघ के सौ साल पूरे होने के साथ ही संघ प्रमुख मोहन भागवत भी अपनी छवि में नाटकीय परिवर्तन लाए हैं। उन्होंने अपने समर्थकों और आलोचकों को भी उलझन में डाल दिया है। कुछ लोगों को लग रहा है कि वे जो उदारवादी रुख अपना रहे हैं, उसके कारण संघ के ठोस वैचारिक आधार से […]