टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: विदेशों में आजकल फुटपाथ की भी ‘आंखें’ होती हैं

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – Abroad, Even Sidewalks Now Have ‘eyes’ 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु शिकागो के एक छोटे-से बोडेगा (किराना दुकान) की हरी रोशनी गीले डामर पर फैल रही थी। मार्कस (काल्पनिक नाम) ने अपनी घड़ी देखी। वह पूरे चालीस मिनट से उस सड़क पर बेचैनी के […]